इस साल भी पूरी नहीं हो पायीं कई स्वास्थ्य योजनाएं
गया : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शुरू हुई कई योजनाएं इस साल के अंत तक भी पूरी नहीं हो पायीं. मगध मेडिकल काॅलेज में बन रही इमरजेंसी बिल्डिंग और आइ बैंक भी तैयार नहीं है, तो प्रभावती अस्पताल में बने अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में भी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं शुरू हो सकी. जिले के दो ब्लाॅक में बने हेल्थ वेलनेस सेंटर का भी कुछ ऐसा ही हाल है.
यहां चिकित्सक व कर्मचारियों के नहीं होने से मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है. मुश्किल यह है कि हर नये प्रोजेक्ट पर काम बीएमएसआइसीएल की देखरेख में होता है. अब ऐसे में स्थानीय स्तर पर पदाधिकारी प्रोजेक्ट के देर होने के सटीक कारण नहीं बता पाते. अब अधिकारी कह रहे हैं कि अगले साल मार्च तक कुछ चीजें शुरू हो जायेंगी, तो कुछ अगले साल के अंत तक.
इमरजेंसी बिल्डिंग की है बहुत जरूरत : मगध मेडिकल काॅलेज अस्पताल के अधीक्षक डाॅ बिजय कृष्ण प्रसाद भी मानते हैं कि कैंपस में नयी इमरजेंसी बिल्डिंग जितनी जल्दी शुरू हो उतना बेहतर होगा. मेडिकल काॅलेज कैंपस में वर्तमान में जो इमरजेंसी वार्ड है, वह काफी छोटा है.
मरीजों की संख्या बढ़ जाने पर यहां मुश्किल हो जाती है. डाॅक्टर व नर्स भी परेशान हो जाते हैं. इसी समस्या के निदान के लिए नयी इमरजेंसी बिल्डिंग तैयार की जा रही है. बिल्डिंग को इस साल ही पूरा हो जाना था, लेकिन विभाग और ठेकेदार की लापरवाही की वजह से प्रोजेक्ट में देर हो रही है. अब फर्नीचर व अन्य चीजों की सप्लाइ के नाम पर बिल्डिंग को हैंड ओवर नहीं किया जा रहा है. अधीक्षक डाॅ प्रसाद के मुताबिक इन चीजों की सप्लाइ होने के बाद बिल्डिंग को हैंड ओवर किया जायेगा. इसके बाद ही इमरजेंसी बिल्डिंग का प्रयोग मरीजों की सेवा के लिए किया जा सकेगा.
आइ बैंक की भी है जरूरत : मगध मेडिकल काॅलेज अस्पताल में आइ बैंक की जरूरत शुरू से ही रही है. आंखों से जुड़े आॅपरेशन व इलाज के लिए राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी. लेकिन, इस प्रोजेक्ट पर भी कई स्तर पर देर हुई. स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कई बार इस विषय पर चर्चा भी हुई. देर से ही आइ बैंक तैयार तो हो गया है, लेकिन अब तक यहां कोई काम शुरू नहीं हो सका है.
अर्ली इंटरवेंशन सेंटर दूर करेगा बच्चों का हकलाना
जन्म से कमजोर बच्चों के इलाज के लिए प्रभावती अस्पताल कैंपस में अर्ली इंटरवेंशन सेंटर का निर्माण किया गया है. बिल्डिंग बन कर तैयार है, लेकिन यहां अब तक कोई काम नहीं हो रहा है.यहां भी नये साल में सेवा शुरू करने की बात हो रही है. अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के तैयार होने का फायदा यह है कि जो बच्चे जन्म से ही किसी ने किसी शारीरिक अपंगता से जुझ रहे हैं उन्हें ठीक करने का प्रयास किया जा सकता है. उदाहरण के लिए कई बच्चे जन्म से ही बोलने में कमजोर होते हैं, उन्हें गूंगा तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन उन्हें बोलते में तकलीफ होती है. ऐसे बच्चों के लिए अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में स्पीच थेरेपी जैसी ट्रीटमेंट की व्यवस्था होती है.
