पर्व के दिन संतोष व चंदन के घर में छायी रही मायूसी

गया : रक्षा बंधन के दिन सब के घरों में खुशियां मन रही थी. लेकिन, शहर के पहसी लेन स्थित अपहृत स्वर्ण व्यवसायी संतोष व चंदौती थाने में मुखबिरी का काम करनेवाला कंडी नवादा के रहनेवाला चंदन कुमार सिन्हा के घर पर मायूसी का माहौल बना रहा. संतोष का अपहरण 114 दिन पहले कोलकाता से […]

गया : रक्षा बंधन के दिन सब के घरों में खुशियां मन रही थी. लेकिन, शहर के पहसी लेन स्थित अपहृत स्वर्ण व्यवसायी संतोष व चंदौती थाने में मुखबिरी का काम करनेवाला कंडी नवादा के रहनेवाला चंदन कुमार सिन्हा के घर पर मायूसी का माहौल बना रहा. संतोष का अपहरण 114 दिन पहले कोलकाता से गया आने के क्रम में गांधी मैदान बस स्टैंड से हुआ था व चंदन का अपहरण 156 दिन पहले कंडी नवादा मोड़ से किया गया था. संतोष के हजारीबाग रोड में रहनेवाली बहन सुधा कुमारी व लुधियाना में रहनेवाली बहन ममता कुमारी हर बार रक्षाबंधन पर गया पहुंच कर भाई को राखी बांधती थी.
संतोष का भाई पप्पू कुमार ने बताया कि बहन फोन कर खूब रो रही थी. कह रही थी संतोष के बिना वहां पहुंच कर राखी बांधना ठीक नहीं लगेगा. पर्व में आसपास के घरों में खुशी का माहौल देख कर संतोष के बच्चे पिहू व गुनगुन पूछने लगे कि पापा कब तक आयेंगे बड़े पापा. बच्चों के इस सवाल का जवाब देने के लिए पास अब हमारे पास कोई शब्द नहीं था. उन्होंने कहा कि अधिकारी के पास चक्कर लगाते-लगाते अब थक चुके हैं. हर बार सिर्फ पुलिस के आला अधिकारी खोजने की बात कहते हैं. चंदन के घर का हाल भी इस तरह का ही है. उसके घर में भी बच्चों ने रक्षाबंधन का पर्व पिता के इंतजार में नहीं मनाया.
अधिकारियों के अब जाकर थक चुके हैं परिजन : दोनों के परिजन पुलिस अधिकारियों के ऑफिस का चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं. अब दोनों के परिजनों का हौसला जवाब देने लगा है. पुलिस अधिकारी के यहां से इनके परिजनों सिर्फ जल्द खोज लेने की बात कही जाती है. एसएसपी राजीव मिश्रा से दोनों के बारे में पूछने पर कहा जाता है कि अब तक पता नहीं चल सका है.
दोनों को पुलिस तलाशने में लगी है. इधर दोनों के परिजन अब यह सवाल करने लगे हैं कि कब तक उन्हें इंतजार करना पड़ेगा. किसी तरह की बात हुई है, तो हमलोग को बता दिया जाये. ताकि परिवार को संतोष हो जाये.
सिविल लाइंस व चंदौती थाने में दर्ज हैं मामले
सूत्रों का कहना है कि संतोष अपने साथ गया के विभिन्न व्यापारियों का एक करोड़ से अधिक का जेवर लेकर अपने साथ यहां पहुंचे थे. गया पहुंचने पर संतोष अपने भाई पप्पू से बात कर दुकान पहुंचने की बात कहा था. लेकिन, बहुत देर इंतजार के बाद भी संतोष दुकान नहीं पहुंच सका. इसके बाद पप्पू कुमार ने सिविल लाइंस थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था.
वहीं चंदन के अपहरण का मामला चंदौती थाने में दर्ज कराया गया है. पुलिस इनकी तलाश में कोलकाता जाकर भी कई दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुकी है. संतोष का मोबाइल भी चंदौती ब्लॉक रोड में पुलिस बरामद की है. लेकिन अब तक संतोष का पता लगाने में पुलिस नाकाम रही है. अधिकारी भी अब इस मामले में जवाब देने से कतराने लगे हैं.

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