सिर्फ निरीक्षण के दौरान बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं अधिकारी
गया : जीएम से लेकर स्थानीय रेलवे अधिकारियों तक बड़ी-बड़ी यात्री सुविधाएं देने की बात करते हैं. लेकिन, इसे पूरा करनेवाला कोई नहीं है.
गया-जमालपुर, गया-किऊल व गया-पटना रूट में चलने वाली कुछ पैसेंजर ट्रेनों में न तो पंखे हैं अौर न लाइट. इस कारण गर्मी में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन समस्याओं को देखने वाले कोई अधिकारी नहीं हैं. गया रेलवे स्टेशन से गुजरनेवाली कई ट्रेंनों की स्थिति काफी दयनीय है. पैसेंजर ट्रेनों में न पंखे चलते हैं और न ही पानी की सुविधा है. बोगियों में पंखे तो लगे हैं पर वह शोभा ही बनकर रह गये हैं.
बोगियों में सीटें भी जर्जर हैं. रोजाना लाखों रुपये के टिकटों की बिक्री होती है इसके बाद भी रेलवे का यात्रियों काे सुविधा देने की तरफ ध्यान नहीं है. स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है.
इन ट्रेनों में सुविधा की है कमी : गया-जमालपुर, गया-किऊल व रात 10 बजे खुलने वाली गया-पटना पैसेंजर ट्रेनों की स्थिति काफी दयनीय है. लेकिन, इस ओर रेलवे अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं. रेलवे अधिकारियों के उदासीन रवैया के कारण रेलयात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है.
कई बार रेलयात्रियों ने लाइट व पंखा खराब होने की शिकायत स्थानीय रेलवे अधिकारियों से की है. लेकिन, शिकायत के बाद भी अधिकारी ट्रेनों में निरीक्षण कर देखना मुनासिब नहीं समझते. एक तरफ रेलवे के वरीय अधिकारी यात्रियों को सुविधा देने के लिए से एक से बढ़ कर एक घोषणाएं करते हैं. लेकिन, उन घोषणाओं पर अमल करनेवाला कोई नहीं है. आदेश मिलने के बाद रेलवे अधिकारी अपने तरीके से काम करते हैं.
