दरभंगा: प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गुरुवार को सदर प्रखंड की चयनित पंचायत शीशो पूर्वी के राजकीय मध्य विद्यालय, शीशो डीह में टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष जांच शिविर आयोजित किया गया. शिविर में उच्च जोखिम वाले लोगों की पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से स्क्रीनिंग की गई और टीबी की समय रहते पहचान पर विशेष जोर दिया गया.
125 लोगों का हुआ डिजिटल एक्स-रे
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस शिविर में 125 लोगों का डिजिटल एक्स-रे किया गया. वहीं, संभावित टीबी मरीजों की जांच के लिए 60 लोगों के बलगम के नमूने भी संग्रहित किए गए. इन नमूनों की जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों का इलाज शुरू किया जाएगा.
टीबी के लक्षण और बचाव की दी जानकारी
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को टीबी के लक्षण, समय पर जांच कराने की आवश्यकता और नियमित उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी. साथ ही लोगों से अपील की गई कि लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं.
कई स्वास्थ्यकर्मी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में सरपंच राम बाबू दास, मिथिलेश सहनी, एएनएम सुमन कुमारी, चंदा कुमारी, नीतू कुमारी, बलगम संग्रहकर्ता विजय कुमार गुप्ता, एक्स-रे तकनीशियन अजित कुमार, सहायक प्रमोद राम, आशा कार्यकर्ता और वरीय चिकित्सा पर्यवेक्षक राम कुमार सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
2026 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत लगातार उच्च जोखिम वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है. अभियान का उद्देश्य संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर समय पर इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि वर्ष 2026 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके.
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