Darbhanga News: सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले सैनिक अखिलेश आनंद को सोमवार को उनके पैतृक गांव बड़गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. दोपहर करीब एक बजे तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े. सेना के अधिकारियों और जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी. इस दौरान पूरा गांव "भारत माता की जय" और "अखिलेश आनंद अमर रहें" के नारों से गूंज उठा.
Kusheshwarsthan News: तिरंगे को चूमकर दी अंतिम विदाई
डीएमसीएच पोस्टमार्टम हाउस से सेना के जवान एंबुलेंस के माध्यम से पार्थिव शरीर को गांव लेकर पहुंचे. घर के आंगन में ताबूत रखे जाने के बाद पिता अरुण कुमार राय, माता द्रोपदी देवी, पत्नी अंशु कुमारी और बेटी काव्या सहित परिजनों ने तिरंगे को चूमकर अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी. परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया.
हजारों लोग अंतिम यात्रा में हुए शामिल
अंतिम यात्रा में हजारों ग्रामीण शामिल हुए. हर कोई सैनिक अखिलेश आनंद को अंतिम नमन करने और ताबूत को कंधा देने के लिए आगे बढ़ता दिखाई दिया. महिलाओं की सिसकियां और बुजुर्गों की नम आंखें इस असहनीय क्षति की गवाही दे रही थीं. श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों का तांता लगा रहा.
सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
श्मशान घाट पर सेना की सलामी के बीच पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. सैनिक अखिलेश आनंद के भतीजे अभिनव राज ने मुखाग्नि दी. इस अवसर पर बड़े भाई अभिषेक आनंद, मझले भाई अविनाश आनंद समेत अन्य परिजन और सेना के अधिकारी मौजूद रहे.
बेटी का जन्मदिन मनाने आए थे घर
परिजनों ने बताया कि अखिलेश आनंद अपनी तीन वर्षीय बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए 20 दिन की छुट्टी लेकर घर आए थे. 18 जुलाई को धबोलिया पुल के पास सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. इस घटना से पूरे परिवार और गांव में शोक का माहौल है.
