दरभंगा में कब होगी अच्छी बारिश? जानिए कितनी हुई रोपनी और क्या है मौसम विभाग का अनुमान

दरभंगा में पिछले कुछ दिनों से अच्छी बारिश का इंतजार है. कहीं राहत तो कहीं सूखा. जानिए जिले में धान की रोपनी की क्या है स्थिति और मौसम विभाग का अगला अनुमान.

Darbhanga Rain: जिले में पिछले तीन-चार दिनों से आसमान में छाए काले बादलों ने लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन किसानों को अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है. कई इलाकों में केवल बूंदाबांदी होने से किसान पंप सेट के सहारे धान की रोपनी कर रहे हैं. कृषि विभाग के अनुसार अब तक जिले में केवल 45 प्रतिशत धान का आच्छादन हो सका है.

पांच प्रखंडों में अच्छी बारिश, कई इलाके अब भी सूखे

कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक से 31 जुलाई तक जिले में सामान्य वर्षापात 313.20 मिमी होना चाहिए था, लेकिन 11 जुलाई तक केवल 53.67 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. जाले, बहेड़ी, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी और सिंहवाड़ा में अपेक्षाकृत अच्छी बारिश हुई है, जबकि तारडीह, केवटी, किरतपुर और मनीगाछी जैसे प्रखंडों में बेहद कम वर्षापात दर्ज किया गया है.

पंप सेट के भरोसे हो रही धान की रोपनी

बारिश नहीं होने से किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है. बहादुरपुर के किसान सुनील मंडल, दयाराम मुखिया, सुरेश सहनी, कामख्या नारायण सिंह, पप्पू यादव, नागेंद्र यादव, बिपुल राय, संजीत लाल दास और अतुल सिंह ने बताया कि चार दिनों से बादल तो छाए हैं, लेकिन अच्छी बारिश नहीं हुई. ऐसे में मजबूरी में पंप सेट चलाकर धान की रोपनी करनी पड़ रही है.

कृषि विशेषज्ञों ने दी यह सलाह

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जिन प्रखंडों में अच्छी बारिश हुई है, वहां धान और मक्का की फसल को फायदा मिलेगा. वहीं कम बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना होगा. समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने पर रोपनी में देरी और उत्पादन पर असर पड़ सकता है.

अगले 48 घंटे में अच्छी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान जिले के शेष हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है. किसानों को उम्मीद है कि यदि जल्द अच्छी बारिश हुई तो खरीफ फसलों की बुआई और धान की रोपनी में तेजी आएगी.

क्या बोले जिला कृषि पदाधिकारी

जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि 11 जुलाई तक जिले में 53.67 मिमी वर्षापात रिकॉर्ड किया गया है. अब तक 45 प्रतिशत धान का आच्छादन हो चुका है. कुछ प्रखंडों में कम बारिश जरूर हुई है, लेकिन किसान इलेक्ट्रिक पंप सेट के माध्यम से रोपनी कर रहे हैं. मौसम अनुकूल रहा तो खरीफ फसलों के शत-प्रतिशत आच्छादन का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा.

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