Darbhanga News: अलग मिथिला राज्य के गठन की मांग को लेकर रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया गया. अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में दिल्ली-एनसीआर के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे मिथिलावासियों और प्रवासी मैथिलों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शन का नेतृत्व समिति के अंतरराष्ट्रीय संयोजक प्रो. अमरेंद्र कुमार झा ने किया.
120 साल से अधिक पुरानी है अलग राज्य की मांग
सभा को ऑनलाइन संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि सनातनी मिथिला को अलग राज्य बनाने की मांग 120 वर्षों से अधिक पुरानी है. उन्होंने कहा कि सामाजिक, भाषायी, राजनीतिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक विकास के लिए पृथक मिथिला राज्य जरूरी है.
सभा की अध्यक्षता डॉ. परमानन्द यादव ने की, जबकि संचालन तेज नारायण चौधरी ने किया.
सरकारी उपेक्षा का लगाया आरोप
समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी शिशिर कुमार झा ने कहा कि सरकारी उपेक्षा के कारण मिथिला की पहचान और विकास प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि दरभंगा में उच्च न्यायालय की बेंच के साथ-साथ IIT और IIM की मांग भी वर्षों से लंबित है.
वहीं प्रो. अमरेंद्र कुमार झा ने कहा कि नेपाल में हाइडैम का निर्माण मिथिला क्षेत्र को बाढ़ और सुखाड़ से स्थायी राहत दिलाने में मदद कर सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि अलग राज्य की मांग पूरी नहीं होने पर बिहार से दिल्ली तक आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
मैथिली भाषा की उपेक्षा का मुद्दा उठा
डॉ. परमानन्द यादव ने मैथिली भाषा की उपेक्षा का मुद्दा उठाया. उन्होंने पटना स्थित मैथिली अकादमी को सक्रिय करने की मांग की. वक्ताओं ने कहा कि भाषा और संस्कृति की समृद्ध विरासत वाले मिथिला क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में उचित स्थान मिलना चाहिए.
बेरोजगारी और पलायन पर भी चिंता
फेडेरेशन फॉर न्यू स्टेट्स के महासचिव कमलेश कुमार झा के नेतृत्व में भी धरना-प्रदर्शन किया गया. वक्ताओं ने कहा कि बेरोजगारी, पलायन तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के कारण मिथिला क्षेत्र पिछड़ रहा है. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने अलग राज्य के समर्थन में आवाज उठाई.
राष्ट्रपति, पीएम और गृह मंत्री को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने मिथिला के विकास से जुड़े मुद्दों को उठाया. बाद में ग्रेटर नोएडा संयोजक मदन कुमार झा के नेतृत्व में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन के साथ प्रदर्शन समाप्त किया गया.
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