Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) के पीएचडी एडमिशन टेस्ट (पीएटी)-2024 के अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को कुलपति से मुलाकात कर कुलाधिपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा. अभ्यर्थियों ने पीएटी-2024 को निरस्त करने संबंधी आदेश वापस लेने तथा अविलंब साक्षात्कार आयोजित कर योग्य अभ्यर्थियों का नामांकन सुनिश्चित करने की मांग की.
यूजीसी-2016 के तहत पूरी हो चयन प्रक्रिया
प्रतिनिधिमंडल में प्रिंस राज, कुणाल पांडे, राजेश रंजन, शरद कुमार सिंह और आदित्य शामिल थे. ज्ञापन में कहा गया कि पीएटी-2024 की अधिसूचना 24 नवंबर 2025 को जारी हुई थी. इसलिए पूरी चयन प्रक्रिया उस समय प्रभावी यूजीसी रेगुलेशन-2016 के अनुसार ही पूरी की जानी चाहिए. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रिया के तहत आयोजित हुई थी, ऐसे में बाद में लागू यूजीसी रेगुलेशन-2022 को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायसंगत नहीं है.
शैक्षणिक भविष्य प्रभावित होने की जताई आशंका
छात्र नेताओं ने कहा कि यदि पीएटी-2024 को निरस्त किया गया तो विशेष रूप से वर्ष 2024 में नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित होगा, क्योंकि उनकी पात्रता अवधि सीमित है. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और राजभवन से छात्रहित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया.
जल्द साक्षात्कार कराने की मांग
छात्र नेता प्रिंस राज ने कहा कि चयन प्रक्रिया विज्ञापन की तिथि पर प्रभावी नियमों के अनुरूप शुरू हुई थी, इसलिए इसे बीच में रोकना हजारों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा. वहीं, कुणाल पांडे ने कहा कि अभ्यर्थियों ने पूरी वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए परीक्षा दी है. ऐसे में चयन प्रक्रिया रोकना छात्रों की मेहनत और समय दोनों के साथ अन्याय होगा. उन्होंने पीएटी-2024 को निरस्त करने का आदेश वापस लेने तथा बिना विलंब साक्षात्कार आयोजित कर नामांकन प्रक्रिया पूरी करने की मांग दोहराई.
