Darbhanga Health News: ओआरएस सप्ताह के अवसर पर इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) की ओर से शहर के एक निजी अस्पताल में दस्त की रोकथाम और ओआरएस के महत्व पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ एवं आईएपी दरभंगा शाखा के अध्यक्ष डॉ. के.एन. मिश्रा ने की.
दस्त के दौरान बच्चों को तुरंत दें ओआरएस
डॉ. के.एन. मिश्रा ने कहा कि दस्त होने पर बच्चों के शरीर से पानी और आवश्यक लवण तेजी से निकल जाते हैं, जिससे निर्जलीकरण की स्थिति पैदा हो सकती है. उन्होंने कहा कि समय पर ओआरएस देने से बच्चों को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है. उन्होंने ओआरएस को बच्चों के लिए "जीवन जल" बताते हुए कहा कि यह हर घर में उपलब्ध होना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इसका उपयोग किया जा सके.
पर्याप्त तरल पदार्थ देना भी जरूरी
डॉ. कामोद झा ने कहा कि बच्चों में दस्त होने पर घबराने के बजाय तुरंत ओआरएस देना शुरू करना चाहिए और उन्हें पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ भी पिलाते रहना चाहिए.
आईएपी के कोषाध्यक्ष डॉ. कुमार आनंद ने कहा कि दस्त आज भी बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण है, लेकिन स्वच्छता और ओआरएस के प्रति जागरूकता से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
स्वच्छता अपनाने की दी सलाह
डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि दस्त से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय स्वच्छता है. उन्होंने खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने, स्वच्छ भोजन करने तथा खुले में बिकने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि ओआरएस का सही और समय पर उपयोग बच्चों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
संगोष्ठी के दौरान चिकित्सकों ने अभिभावकों को ओआरएस घोल तैयार करने और उसके सही उपयोग की जानकारी दी. बच्चों के बीच ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए गए.
कार्यक्रम में डॉ. विवेकानंद पाल, डॉ. अरविंद झा, डॉ. अरविंद कुमार यादव, डॉ. अमरेश कुमार साहू, डॉ. एस.सी. यादव सहित आईएपी के कई सदस्य मौजूद रहे.
