'गिरिराज सिंह के यात्रा से बिहार में नही होने वाला है कोई दंगा', जाने राजद नेता भाई वीरेंद्र ने क्यों कहा ऐसा

Giriraj Singh: राजद विधायक भाई वीरेंद्र रविवार को दरभंगा परिसदन में पत्रकारों से बात करते हुए गिरिराज सिंह के हिन्दू स्वाभिमान यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि गिद्ध की जो प्रजाति है. वह विलुप्त होता जा रहा है.

Giriraj Singh: राजद के वरिष्ठ नेता और लोक लेखा समिति के सभापति, विधायक भाई वीरेंद्र रविवार को दरभंगा परिसदन में पत्रकारों से बात करते हुए गिरिराज सिंह के हिन्दू स्वाभिमान यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि गिद्ध की जो प्रजाति है. वह विलुप्त होता जा रहा है. उन्हीं के जगह पर गिद्धराज सिंह आए हैं. वह देख रहे हैं कि कहीं उन्हें लाश मिले, जिसे वह नोचे और खाएं. लेकिन बिहार की जनता सजग है. यहां पर कभी भी हिंदू मुसलमान के नाम पर दंगा नहीं हो सकता है.

अंकुश लगाने की आवश्यकता

भाई वीरेंद्र ने कहा कि जब तक लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राजद और महा गठबंधन के लोग हैं. तब तक बिहार और देश में दंगा नहीं होने दिया जाएगा. उनके नफरत की दुकान को फलने फूलने नही दिया जाएगा. मैंने सरकार से आग्रह किया था कि मुख्यमंत्री जी आप तो समाजवादी पृष्ठभूमि के नेता रहे हैं. सांप्रदायिक शक्तियों से आपकी भी लड़ाई रही है. ऐसे लोगों को नजर बंद करके जेल में डालिए. जो देश में खासकर बिहार में नफरत का दुकान खोलना चाहते हैं. ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है.

राजनीति में कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं होता

गिरिराज सिंह के यात्रा पर नीतीश कुमार के द्वारा किसी प्रकार का एक्शन तथा नीतीश कुमार गठबंधन में वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का एक्शन समय आने पर देखिएगा. मैं नहीं कह सकता की नीतीश कुमार महागठबंधन में कब वापस लौटेंगे. इस मामले पर शीर्ष नेतृत्व ही कुछ बता सकते हैं. लेकिन अगर घर में झगड़ा होता है तो आदमी लौट कर घर ही वापस आता ही है. राजनीति में आना-जाना, ना कोई परमानेंट दोस्त, ना ही कोई दुश्मन होता है. इसीलिए हर संभावनाएं खुली रहती है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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