Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) के पीजी राजनीति विज्ञान विभाग एवं वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी (डब्ल्यूएनडी) के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को नेल्सन मंडेला अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार चौधरी ने की.
मंडेला का जीवन न्याय और समानता का वैश्विक प्रतीक
मुख्य वक्ता प्रो. एम. नेहाल ने नेल्सन मंडेला की पुस्तक 'लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम' को संस्थागत अन्याय, नैतिक नेतृत्व और लोकतांत्रिक संघर्ष का ऐतिहासिक दस्तावेज बताया. उन्होंने कहा कि मंडेला का जीवन स्वतंत्रता, समानता, न्याय और मानवीय गरिमा के लिए संघर्ष का वैश्विक प्रतीक है. उन्होंने वर्ष 1990 में जेएनयू में मंडेला से हुई अपनी मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व प्रतिशोध नहीं, बल्कि मेल-मिलाप, लोकतंत्र और न्याय पर आधारित था.
शिक्षा सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला
ऑनलाइन संबोधन में लद्दाख विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सकेत कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला है और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में विश्वविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है. प्रो. मुनेश्वर यादव ने संवाद, न्याय और मानवीय मूल्यों को स्थायी शांति की बुनियाद बताया. वहीं, फ्रीडम स्टडीज रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. जावेद अब्दुल्लाह ने कहा कि नैतिक साहस और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता ही इतिहास को नई दिशा देती है.
प्लैनेटरी पीस कॉन्फ्रेंस-2026 की तैयारियों पर चर्चा
बैठक में अंतरराष्ट्रीय प्लैनेटरी पीस कॉन्फ्रेंस-2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई. इस दौरान नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के प्रस्तावित दरभंगा आगमन की तैयारियों में तेजी लाने तथा सम्मेलन का आधिकारिक ब्रोशर जारी करने का निर्णय लिया गया.
कार्यक्रम का संचालन अक्षय कुमार झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रघुवीर रंजन ने किया.
