Darbhanga News: दरभंगा के प्रेक्षागृह में रविवार को श्रीकृष्ण चेतना मंच का 14वां वार्षिकोत्सव काफी धूमधाम से आयोजित किया गया. कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक प्राध्यापक डॉ लक्ष्मण यादव, प्रो. जितेंद्र कुमार मीणा, मीरा यादव, मंच अध्यक्ष देवनारायण यादव, संयुक्त सचिव डॉ शिवकिशोर राय, उपाध्यक्ष रामविलास यादव, संस्थापक सदस्य सत्यनारायण यादव, महासचिव राम बुझावन यादव रमाकर और सचिव महेश यादव सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रबुद्ध जन मौजूद रहे.
धनबल और बाहुबल की राजनीति को खत्म करने का आह्वान
मुख्य अतिथि डॉ लक्ष्मण यादव ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीकृष्ण चेतना मंच एक ऐसा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है जो वर्षों से शिक्षा, समाज और जनजागरूकता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आमजन की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाना और धनबल तथा बाहुबल की राजनीति को पूरी तरह खत्म करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है. उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी एकता और बेहतर रणनीतिक कौशल पर बल दिया.
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर चर्चा
कार्यक्रम में वक्ता के रूप में शामिल डॉ जितेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करने के लिए नागरिक समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि गरीब, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के मुद्दों को केंद्र में लाना आवश्यक है. वहीं, मीरा यादव ने कहा कि भारतीय संविधान ने महिलाओं सहित देश के सभी नागरिकों को अधिकार और सुरक्षा की पूरी गारंटी दी है, इसलिए अन्याय के खिलाफ मुखर होना जरूरी है.
गाँव से शहर तक जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प
मंच के संयुक्त सचिव डॉ शिवकिशोर राय ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान की प्रस्तावना के अनुरूप सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय तथा समानता स्थापित करने के लिए मंच गांव से लेकर शहर तक लगातार जनजागरूकता अभियान चलाता है. इसके अलावा आपदा और विपदा के कठिन समय में भी मंच के समर्पित सदस्य हमेशा पीड़ितों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं. इस दौरान जिप अध्यक्ष रेणु देवी और उपमहापौर नाजिया हसन समेत कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे.
