दरभंगा: जाले प्रखंड की सहसपुर पंचायत के वार्ड पांच स्थित घोघराहा में आरसीसी नाला निर्माण की गुणवत्ता और शिकायतों के निबटारे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही नाला टूटकर ध्वस्त हो गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई.
30 से 40 बार शिकायत दर्ज कराने का दावा
ग्रामीणों के अनुसार, पंसस अरुण मिश्रा, संतोष ठाकुर, तारानंद झा, अमित कुमार, मिंटू राउत, अवधेश शर्मा, रूपेश दास सहित अन्य लोगों ने सहयोग पोर्टल पर विभिन्न मामलों को लेकर 30 से 40 बार शिकायत दर्ज करायी.
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायती राज विभाग ने स्थल की वास्तविक स्थिति की जांच किये बिना ही गलत रिपोर्ट के आधार पर शिकायतों का निबटारा कर दिया.
पंचायत सचिव के बयान के आधार पर शिकायत निबटाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव के बयान को ही आधार बनाकर शिकायत को निराधार बताया गया, जबकि नाला आज भी टूटा पड़ा है. उनका कहना है कि निर्माण की वास्तविक स्थिति और शिकायत में किये गये दावों की मौके पर जांच की जानी चाहिए थी.
बीपीआरओ रूपेश कुमार द्वारा एक बार स्थल जांच किये जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही है, लेकिन उनके अनुसार जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गयी है.
वरीय अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने डीएम, डीडीसी और बीडीओ समेत वरीय अधिकारियों को आवेदन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने नाला निर्माण की गुणवत्ता की जांच के साथ शिकायतों के निबटारे की प्रक्रिया की भी जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
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