Darbhanga News: संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. शनिवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बाढ़ पूर्व तैयारियों का जायजा लिया गया.
तटबंधों की निगरानी और रेनकट वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर
बैठक में डीएम ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को तटबंधों की लगातार निगरानी करने और किसी भी प्रकार के कटाव या क्षति की सूचना मिलने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने रेनकट वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा. अभियंताओं ने बताया कि विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में सैंड बैग उपलब्ध हैं.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने के निर्देश
डीएम ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से संबंधित क्षेत्रों में पॉलीथिन शीट भेज दी गई हैं. सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) को शीट का सत्यापन कर सुरक्षित भंडारण तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. विशेष रूप से कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, गौड़ाबौराम, किरतपुर और घनश्यामपुर प्रखंडों में 1,500 से 2,000 पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने को कहा गया.
नाव संचालन और राहत केंद्रों की भी हुई समीक्षा
बैठक में बताया गया कि निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया जा चुका है. डीएम ने एसडीएम और सीओ को नाविकों के साथ बैठक कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने तथा क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव पर नहीं बैठाने के निर्देश दिए.
इसके अलावा जिले के 13 चिन्हित बाढ़ आश्रय स्थलों की भी समीक्षा की गई. सभी सीओ को राहत केंद्रों और आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर पेयजल, शौचालय, बिजली, चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए.
पशु चारा, दवाओं और अनुग्रह राशि की भी समीक्षा
बैठक में पशु चारा, जीवन रक्षक दवाओं के भंडारण तथा आपदा पीड़ितों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान की समयबद्ध भुगतान व्यवस्था की भी समीक्षा की गई. बैठक में डीडीसी स्वप्निल, अपर समाहर्ता मनोज कुमार, अपर समाहर्ता सह प्रभारी आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, सभी एसडीएम, सीओ, बीडीओ, जल संसाधन विभाग के अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे.
