DMCH में डॉक्टरों की कमी होगी दूर! 20 नए सीनियर रेजिडेंट ने संभाला मोर्चा, मरीजों को मिलेगी राहत

दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. 32 में से 20 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने कार्यभार संभाल लिया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है.

Darbhanga Medical College Hospital: मिथिला के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियुक्त 32 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों में से अब तक करीब 20 डॉक्टरों ने योगदान देकर कार्यभार संभाल लिया है. अस्पताल प्रशासन ने सभी को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार अलग-अलग विभागों में तैनात कर दिया है.

यह भी पढ़ें: 21 साल से वही स्वाद… मुजफ्फरपुर के इस समोसे के लिए आज भी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग

18 जुलाई तक सभी डॉक्टरों के योगदान की उम्मीद

स्वास्थ्य विभाग ने डीएमसीएच के लिए कुल 32 सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों की नियुक्ति की है. इनमें से लगभग 20 डॉक्टरों ने जॉइन कर लिया है, जबकि शेष चिकित्सकों के 18 जुलाई तक योगदान देने की संभावना है.

अस्पताल प्रशासन का मानना है कि सभी डॉक्टरों के कार्यभार संभालने के बाद चिकित्सकों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी.

ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड सेवाओं को मिलेगा लाभ

नए डॉक्टरों की तैनाती विभिन्न विभागों में कर दी गई है. विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि उनकी सेवाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि ओपीडी, इमरजेंसी, वार्ड और अन्य चिकित्सा सेवाएं पहले से अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकें.

लंबे समय से महसूस की जा रही थी डॉक्टरों की कमी

डीएमसीएच में प्रतिदिन दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा सहित आसपास के कई जिलों से हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.

मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण कई विभागों में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी महसूस की जा रही थी. नए सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति से इस समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है.

मरीजों को मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा

अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी नियुक्त चिकित्सकों के योगदान के बाद विभागवार कार्यों का बेहतर समन्वय किया जाएगा. इससे मरीजों को जांच, उपचार और भर्ती प्रक्रिया में अधिक सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.

प्रशासन का कहना है कि नई नियुक्तियों से अस्पताल की कार्यक्षमता बढ़ेगी और मरीजों को पहले की तुलना में अधिक बेहतर इलाज उपलब्ध होगा.

यह भी पढ़ें: पहले शादी का झांसा, फिर कोर्ट मैरिज... अब 5 लाख दहेज नहीं देने पर घर से निकालने का आरोप


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अजय कुमार मिश्रा पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. स्वास्थ्य, एयरपोर्ट, परिवहन, सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर गंभीर और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग इनकी पहचान है. आम जनजीवन से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाना इनकी कार्यशैली की विशेष पहचान रही है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >