दरभंगा हरी सब्जियों का रेट: स्थानीय सब्जियों की आवक घटने और दूसरे राज्यों से आपूर्ति पर निर्भरता बढ़ने के कारण दरभंगा की मंडियों में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं. प्याज से लेकर गाजर और फूलगोभी तक की कीमत में उछाल आया है. अधिकांश सब्जियों की कीमत 40 रुपये किलो के आसपास पहुंच गयी है. कारोबारियों का कहना है कि बारिश के बाद स्थानीय आवक और कम हुई तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं.
एक सप्ताह में प्याज 10 रुपये महंगा
प्याज की कीमत में लगातार तेजी देखी जा रही है. एक सप्ताह पहले 45 रुपये किलो बिकने वाला प्याज शनिवार को 55 रुपये किलो पहुंच गया. थोक कारोबारियों के अनुसार नासिक मंडी से प्याज महंगा मिल रहा है. वहां फसल खराब होने का असर आपूर्ति और कीमत पर पड़ा है.
फूलगोभी 100 से 120 रुपये किलो और सोहजन 120 से 125 रुपये किलो बिक रहा है. टमाटर 60 से 65 रुपये, करेला 40 से 60 रुपये और परवल 40 से 50 रुपये किलो पहुंच गया है.
रसोई का बजट बिगड़ा, थाली में सब्जियां कम
सब्जियों की बढ़ती कीमतों का सीधा असर लोगों की रसोई पर दिखने लगा है. कई परिवारों ने सब्जियों की मात्रा कम कर दी है. दाल, बेसन, अदौरी, चना और आलू जैसे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ गया है.
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की गुड़िया कुमारी ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है. अब थाली में सब्जियों की मात्रा कम करनी पड़ रही है. बाकरगंज की राधा देवी ने कहा कि पहले घर में दो तरह की सब्जियां बनती थीं, लेकिन अब एक ही सब्जी बन रही है.
पुणे, नासिक और बेंगलुरु से आ रही सब्जियां
थोक कारोबारियों के अनुसार दरभंगा में बाहर से सब्जियों की आपूर्ति बढ़ गयी है. शिमला मिर्च पुणे से, प्याज और फूलगोभी नासिक से तथा पत्ता गोभी बेंगलुरु से मंगायी जा रही है. गाजर और बीट की आपूर्ति इंदौर से हो रही है.
लहेरियासराय गुजरी बाजार के थोक कारोबारी मुख्तार राईन और रामकुमार पटवा ने बताया कि बेंगलुरु से टमाटर करीब 25 रुपये किलो पड़ रहा है. परिवहन लागत भी कीमत बढ़ा रही है. एक ट्रक पर करीब 1.62 लाख रुपये तक खर्च हो रहा है, जबकि नासिक से पिकअप का भाड़ा करीब 30 हजार रुपये है.
इन सब्जियों के दाम कितने बढ़े?
| सब्जी | मौजूदा कीमत | पहले कीमत |
| परवल | 40-50 | 25-30 |
| पपीता | 40-50 | 20-25 |
| भिंडी | 30-40 | 15-20 |
| करेला | 40-60 | 25-30 |
| कद्दू | 40-50 | 30-35 |
| हरी मिर्च | 20-25 | 15-20 |
| टमाटर | 60-65 | 50-60 |
| फूलगोभी | 100-120 | 90-95 |
| बंदगोभी | 45-50 | 30-35 |
| बैंगन | 40-45 | 30-35 |
| सोहजन | 120-125 | 95-100 |
| आलू | 15-20 | 10-12 |
| झुगनी | 40-50 | 25-30 |
| खीरा | 40-50 | 10-15 |
कारोबारियों के मुताबिक स्थानीय आवक में सुधार नहीं हुआ तो सब्जियों की कीमतों में आगे भी तेजी बनी रह सकती है.
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