दरभंगा के जाले से केशवेन्द्र प्रताप ठाकुर की रिपोर्ट
Darbhanga News: जाले प्रखंड में फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया लगान रसीद में तकनीकी त्रुटियों के कारण प्रभावित हो गई है. इसका असर किसानों के साथ-साथ कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों पर भी पड़ रहा है. पंचायतों में अपेक्षित गति से किसानों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है.
Jale News: रतनपुर पंचायत में केवल 400 किसानों का बन सका फार्मर आईडी
रतनपुर पंचायत के किसान सलाहकार सजर अली ने बताया कि पंचायत में अब तक लगभग 400 किसानों का ही फार्मर आईडी बन पाया है. उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं किसानों का पंजीकरण संभव हो रहा है, जिनकी लगान रसीद उनके स्वयं के नाम पर है और उसमें खाता, खेसरा एवं रकवा की पूरी जानकारी दर्ज है.
पुराने रैयतों के रिकॉर्ड में त्रुटि बनी बाधा
उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनकी भूमि अब भी पूर्वजों के नाम दर्ज है. वहीं कई किसानों की जमीन उनके नाम पर होने के बावजूद लगान रसीद में खाता, खेसरा या रकवा अंकित नहीं है. इसी कारण उनका फार्मर आईडी नहीं बन पा रहा है. यह समस्या केवल रतनपुर पंचायत तक सीमित नहीं, बल्कि जाले प्रखंड की अधिकांश पंचायतों में देखने को मिल रही है.
नए खरीदारों का पंजीकरण आसानी से हो रहा
कृषि कर्मियों के अनुसार हाल के वर्षों में जिन किसानों ने जमीन खरीदी है और जिनका रिकॉर्ड अद्यतन है, उनका फार्मर आईडी आसानी से बन रहा है. जबकि पुराने अभिलेखों में त्रुटियों के कारण लंबे समय से खेती कर रहे किसान योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं.
अभिलेख सुधार की उठी मांग
किसानों का आरोप है कि अंचल कार्यालय के अभिलेखों में गड़बड़ी और कर्मियों की लापरवाही के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है. इसका खामियाजा किसानों के साथ-साथ किसान सलाहकारों को भी भुगतना पड़ रहा है. किसानों ने संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों में सुधार कर फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को शीघ्र सुचारु करने की मांग की है.
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