दरभंगा से नवेन्दु तथा सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
दरभंगा-मदार (अजमेर) अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 19623/19624 को जल्द ही साप्ताहिक सेवा से दैनिक सेवा में परिवर्तित किया जाएगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा इसकी घोषणा किए जाने के बाद मिथिला क्षेत्र सहित राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.
यह ट्रेन पिछले वर्ष 29 सितंबर से नियमित परिचालन में आई थी. इससे पहले इसे कई बार विशेष ट्रेन के रूप में चलाया गया था. करीब 12 वर्षों तक रेलवे के टाइम टेबल में प्रस्तावित रहने के बाद इस ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ था. अब इसे प्रतिदिन चलाने की घोषणा को यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.
यात्रियों की लंबे समय से थी मांग
दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, नरकटियागंज और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों की लंबे समय से मांग थी कि राजस्थान के लिए इस ट्रेन का दैनिक संचालन किया जाए. वर्तमान में सप्ताह में एक दिन चलने के कारण यात्रियों को टिकट मिलने में काफी परेशानी होती थी. रेल मंत्री की घोषणा के बाद अब यात्रियों को नियमित यात्रा सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है. इससे जयपुर, अजमेर और राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा.
एक माह के भीतर शुरू हो सकता है दैनिक परिचालन
दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर ने रेलवे के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने समय-समय पर रेल मंत्री से मुलाकात कर इस मांग को उठाया था. साथ ही रेलवे स्टैंडिंग कमेटी की बैठकों में भी इसे प्रमुखता से रखा गया था. उन्होंने बताया कि रेल मंत्री ने आगामी एक माह के भीतर ट्रेन का दैनिक परिचालन शुरू करने का आश्वासन दिया है. इससे यात्रियों को टिकट उपलब्धता की समस्या से राहत मिलेगी.
रेलयात्री संघ ने जताया आभार
केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुंदरका ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, सांसद देवेश चंद्र ठाकुर और जयपुर सांसद मंजू शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया.
उन्होंने मांग की कि इस रूट पर भविष्य में अमृत भारत वर्जन-2 रैक का संचालन किया जाए, जिसमें स्लीपर के साथ एसी कोच की भी सुविधा उपलब्ध हो. उनका कहना है कि मौसम और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से बड़ी संख्या में यात्री एसी कोच की मांग करते हैं.
ट्रेन की गति बढ़ाने की भी मांग
रेलयात्री संघ ने ट्रेन की औसत गति बढ़ाने की भी मांग की है. उनका कहना है कि वर्तमान में ट्रेन की औसत गति लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 70 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाना चाहिए. इससे लगभग 33 घंटे का सफर घटकर करीब 19 घंटे में पूरा हो सकेगा.
रेलवे के इस फैसले को मिथिला क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. यात्रियों को उम्मीद है कि दैनिक परिचालन शुरू होने से यात्रा सुविधाएं और बेहतर होंगी तथा राजस्थान और बिहार के बीच रेल संपर्क और अधिक मजबूत होगा.
