Darbhanga News: बिरौल प्रखंड की मनोर भौराम पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित 23 योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप सामने आया है. स्थानीय अंबा बिजुलिया निवासी प्रियांशु कुमार ने ई-मेल के माध्यम से एसडीओ और मनरेगा पीओ को आवेदन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. साथ ही जांच पूरी होने तक सभी संबंधित योजनाओं का एफटीओ जारी करने और मजदूरी भुगतान पर रोक लगाने का अनुरोध किया है.
Biraul News: बिना निरीक्षण एमबी तैयार करने का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत की 23 योजनाओं की माप पुस्तिका (एमबी) तैयार कर दी गई, जबकि अधिकांश योजनाओं का भौतिक निरीक्षण ही नहीं किया गया. शिकायतकर्ता का दावा है कि कई योजनाओं पर कार्य नहीं हुआ है, जबकि कुछ स्थानों पर मनरेगा मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन से काम कराया गया.
सभी योजनाओं की संयुक्त जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि सभी 23 योजनाओं का संयुक्त एवं निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराया जाए. साथ ही यह जांच हो कि बिना वास्तविक निरीक्षण के पीटीए और जेई ने किस आधार पर एमबी तैयार की. पीटीए, जेई और पीआरएस द्वारा तैयार अभिलेखों की तकनीकी एवं भौतिक जांच कराने की भी मांग की गई है.
जांच पूरी होने तक भुगतान रोकने की अपील
आवेदन में यह भी अनुरोध किया गया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी योजना का एफटीओ जारी नहीं किया जाए और न ही मजदूरी अथवा सामग्री मद का भुगतान किया जाए, ताकि सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका को रोका जा सके.
पीओ से संपर्क नहीं हो सका
मामले में पक्ष जानने के लिए मनरेगा पीओ महेश भगत से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
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