दरभंगा राज की महारानी कामसुंदरी देवी के अंतिम संस्कार से पहले हंगामा, शव को लेकर दो रिश्तेदारों में जमकर हुई मारपीट
Bihar News: दरभंगा राज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के अंतिम संस्कार से पहले बड़ा हंगामा हो गया. शव को लेकर दो रिश्तेदारों के बीच मारपीट हुई. जिसे पुलिस ने किसी तरह शांत कराया.
Bihar News: दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के अंतिम संस्कार से पहले बड़ा हंगामा हो गया. कल्याणी निवास परिसर में शव को कब्जे में लेने को लेकर दो रिश्तेदार आपस में भिड़ गए. देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया. मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को संभाला.
महारानी के मायके से जुड़े हैं दोनों पक्ष
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्ष महारानी के मायके से जुड़े बताए जा रहे हैं. बताया जाता है कि कामेश्वर धार्मिक ट्रस्ट के प्रबंधक उदयनाथ झा के पुत्र और महारानी के अन्य परिजनों के बीच विवाद शुरू हुआ. बहस इतनी बढ़ गई कि पुलिस की मौजूदगी में कई बार मारपीट हुई. हालात तनावपूर्ण हो गए.
घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया. पूरे परिसर में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया. किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है.
लंबे समय से बीमार चल रही थीं कामसुंदरी देवी
दरभंगा राज परिवार की आखिरी महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार को निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं. 96 वर्ष की उम्र में उन्होंने दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी.
महारानी के निधन को राज परिवार ने अपूरणीय क्षति बताया है. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग कल्याणी निवास पहुंचे हैं. इसी दौरान शव को लेकर विवाद की स्थिति बन गई.
श्यामा माई मंदिर परिसर में किया जा रहा अंतिम संस्कार
प्रशासन ने हालात को देखते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. स्थिति पर लगातार नजर रखी गई. पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया. उसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई. महारानी का अंतिम संस्कार श्यामा माई मंदिर परिसर में पारंपरिक विधि-विधान से किया जा रहा है. धार्मिक रस्में पूरी की जा रही हैं.
प्रशासन की ओर से मंदिर और आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील माहौल को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है. शाही परंपरा और सम्मान के बीच हुए इस विवाद ने सभी को हैरान कर दिया है. पूरे मिथिला में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है.
