Bihar monsoon farming updates: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में धान की रोपनी के लिए तैयारियां तेज हो गई है.आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी से मौसम तो सुहावना हुआ है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने से किसानों की चिंताएं कम नहीं हुई हैं. समय पर खेती सुनिश्चित करने के लिए किसान अब निजी नलकूपों (ट्यूबवेल) के सहारे खेतों में पानी भरकर कदवा तैयार करने में जुटे है.
बिजली की आंख-मिचौली से सिंचाई प्रभावित
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धान की नर्सरी को समय पर तैयार करने के लिए लगातार सिंचाई की जरूरत है. हालांकि 29 जून की शाम से बिजली आपूर्ति में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन मंगलवार को हल्की बारिश शुरू होते ही सुबह 10:30 बजे बिजली काट दी गई. करीब चार घंटे बाद दोपहर 2:30 बजे बिजली बहाल हो सकी. किसानों का आरोप है कि सामान्य मौसम या हल्के बादलों के बीच बार-बार बिजली काटना उचित नहीं है, क्योंकि इससे सिंचाई बाधित होती है.
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मजदूरों का पलायन और यूरिया का छिड़काव
जाले और रतनपुर के प्रगतिशील किसानों के अनुसार, क्षेत्र के अधिकांश पुरुष मजदूर धान रोपनी के लिए पंजाब चले गए हैं. अब गांवों में केवल महिला, वृद्ध और सीमित संख्या में मजदूर ही बचे हैं, जिनके भरोसे खेती हो रही है. इसके अलावा, नर्सरी के पौधों को तेजी से बढ़ाने के लिए किसान खेतों में यूरिया का छिड़काव कर रहे हैं ताकि आसपास के खेतों में रोपनी शुरू होने से पहले उनके पौधे तैयार हो सकें. रास्ता ब्लॉक होने के डर से किसान जल्द से जल्द काम निपटाना चाहते हैं.
दरभंगा जाले से केशवेन्द्र प्रताप ठाकुर की रिपोर्ट
