कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण करीब तीन माह से बंद शिक्षण संस्थानों को जल्द ही खोलने के संकेत मिलने लगे हैं. हरियाणा और बिहार में स्कूल खोलने की तैयारी कर ली गई है. स्कूल किस तरह खोले जाएंगे, इसे लेकर राज्य सरकार ने अपना प्लान भी बताया है. हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने गुरवार को कहा कि राज्य में जुलाई से चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को खोला जाएगा.
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पहले चरण में 10-12वीं की कक्षाएं शुरू की जाएंगी, उसके बाद 6-9 और फिर 1-5 तक की कक्षाएं शुरू होंगी. वहीं प्राथमिक कक्षाओं के लिए स्कूल अगस्त में खुलेंगे. सोशल डिस्टेंसिंग के लिए स्कूलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ काम करना होगा. यानी आधे बच्चे सुबह आएंगे और आधे शाम को या फिर अल्टरनेट डे पर.
उन्होंने बताया कि सभी स्कूल खोलने से पहले चार-पांच स्कूल खोलकर कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों की रिहर्सल भी की जाएगी. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अनलॉक-1 की गाइडलाइंस में स्कूल-काॉलेजों को दूसरे चरण में रखा था. इन्हें खोलने की तारीख पर जुलाई में ही फैसला लेने की बात कही गई थी.
बिहार शिक्षा विभाग ने तैयार किया खाका
बिहार में अगले महीने जुलाई से प्रदेश में सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूल खोल दिये जायेंगे. इनके साथ ही कोचिंग भी खोली जायेंगी. शिक्षा विभाग ने इसके लिए अनौपचारिक तौर पर खाका तैयार कर लिया है. विभाग बहुत ही सुरक्षित तरीके से स्कूल संचालित करने जा रहा है. इसके लिए उसने पूरी रणनीति बना ली है. केंद्रीय गाइड लाइन के मुताबिक प्रदेश भर में स्कूली बच्चों,अभिभावकों और प्रबंधन समितियों से रायशुमारी के बाद इसकी तिथि तय की जायेगी.
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने जुलाई में स्कूल,कोचिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थान खोलने के लिए भारत सरकार के दिशा निर्देश के मुताबिक रायशुमारी करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारियों को लिखा है. सुझाव विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थाओं , विद्यालय प्रबंधन समितियों से 6 जून तक लिये जाने हैं.
सात जुलाई तक यह सुझाव माध्यमिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय में भेजने के लिए कहा गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह सुझाव ई मेल आइडी एवं वाट्सएप के जरिये मुख्यालय भेजने के लिए कहा है.
Posted By: Utpal kant
