महिला संवाद कार्यक्रम समाज में बदलाव के साथ ही गांव-समाज के नव निर्माण में निभायेगा भूमिका

वृहस्पतिवार को गुड़िया जीविका महिला ग्राम संगठन, अकबरपुर, राजपुर, चौसा, डेहरी ओम ग्राम संगठन में जीविका द्वारा महिला संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया.

बक्सर. वृहस्पतिवार को गुड़िया जीविका महिला ग्राम संगठन, अकबरपुर, राजपुर, चौसा, डेहरी ओम ग्राम संगठन में जीविका द्वारा महिला संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. 18 अप्रैल 2025 से 13 जून 2025 तक जीविका के सभी 925 ग्राम संगठन स्तर पर महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. जीविका स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा संचालित यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण को एक नई रूपरेखा दे रही है. ग्राम संगठन के माध्यम से बक्सर ज़िले के 8 प्रखंडों में ग्राम स्तर पर प्रतिदिन दो महिला संवाद कार्यक्रम कुल 16 ग्राम संगठन स्तर पर प्रतिदिन 9 बजे से एवं शाम 3 बजे से संवाद रथ द्वारा चलचित्र दिखाकर जागरूक किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को सुनना, सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और आने वाले नीति-स्तरीय परिवर्तनों से उन्हें अवगत कराना था. अब तक हजार से अधिक महिलाएं महिला संवाद कार्यक्रम से जुड़कर समाज में आये बदलाव और गांव-समाज के नव निर्माण हेतु संवाद स्थापित कर रही हैं. जागरूकता संवाद रथ में आधुनिक एलईडी स्क्रीन से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है. महिला संवाद के सभी आयोजनों में विडियो-ऑडियो प्रसारण के माध्यम से लोगों तक योजनाओं की जानकारी दी जा रही है. इन कार्यक्रमों में उपस्थित दीदियां अपना अनुभव साझा करते हुए सरकार की पहल से स्वयं में आये सकारातमक बदलाओं को न केवल बता रही हैं बल्कि अपने गांव और समाज को और अधिक उन्नत, समृद्ध तथा विकासशील गांव-समाज बनाने के लिए अपनी परिकल्पनाओं को सरकार तक पहुंचा रही हैं. इस कार्यक्रम में कई महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से मिली मदद की कहानियां साझा की तथा पूर्ण रूप से अपनी बात रखी. गांव में जल, स्वच्छता, शौचालय, सड़क, लड़कियों की शिक्षा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी समस्याएं बताई साथ ही उन्होंने बताया कि नीति-स्तर पर आ रहे बदलावों से अब महिलाओं के लिए अवसर बढ़े हैं. आमतौर पर सार्वजनिक शौचालय, पोखर, सामुदायिक अस्पताल, पुस्तकालय, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाने एवं गांव में लाने की बात कर रही हैं. मीना देवी ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना के तहत 50,000 रुपये मिले, जिससे उन्होंने सिलाई केंद्र खोला और अब अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण दे रही हैं. सुनीता कुमारी ने महिला किसान सशक्तिकरण योजना के तहत बागवानी शुरू की. जिससे हर महीने 4,000 से 6,000 रुपये की आमदनी हो रही है. रेखा देवी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से नवजात शिशु की देखभाल के लिए सहायता राशि प्राप्त की. नीलम देवी ने बताया कि उनकी बेटी आरती कुमारी, इंटरमीडिएट पास करने के बाद योजना के तहत 25,000 रुपये की सहायता प्राप्त कर चुकी है. इससे वह आगे बी.ए. में दाखिला ले सकी और अब शिक्षिका बनने का सपना देख रही है. वंदना कुमारी की मां गायत्री देवी ने कहा, पहले हम सोचते थे कि बेटियों की पढ़ाई में इतना खर्च कैसे होगा, लेकिन कन्या उत्थान योजना से मिली राशि ने हमें आर्थिक सहारा दिया और अब हमारी बेटी कॉलेज जा रही है. इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जीविका जिला परियोजना प्रबंधक चंदन कुमार सुमन, प्रखंड परियोजना प्रबंधक राजपुर, राकेश कुमार, चौसा शोभना गुप्ता तथा कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर, क्षेत्रीय समन्वयक तथा अन्य भी उपस्थित रहे और महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया. मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना से जुड़ा अनुभव भी साझा किया.

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Published by: Amlesh prasad

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