नियमों को ताक पर रख चल रहा चौड़ीकरण व नाला निर्माण कार्य
ब्रह्मपुर चौरास्ता से प्रखंड मुख्यालय तक चल रहा सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के लिए सुविधा के बजाय बड़ी मुसीबत बन गया है.
ब्रह्मपुर. ब्रह्मपुर चौरास्ता से प्रखंड मुख्यालय तक चल रहा सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के लिए सुविधा के बजाय बड़ी मुसीबत बन गया है. निर्माण स्थल पर नियमों की घोर अनदेखी की जा रही है, जिससे व्यापारियों, आम राहगीरों और श्रद्धालुओं का जीना मुहाल हो गया है. सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी कार्यस्थल के शुरू और अंत में योजना का विवरण देने वाला प्राक्कलन बोर्ड लगाना अनिवार्य है, लेकिन ब्रह्मपुर में इसका कहीं पता नहीं है. स्थिति यह है कि खुदाई के बाद मिट्टी को दुकानों के ठीक सामने छोड़ दिया गया है, जिससे कारोबार ठप हो गया है. सड़क निर्माण के दौरान लापरवाही से खुदाई करने के कारण पीएचइडी की मुख्य सप्लाइ पाइपलाइन टूट गयी है, जिससे क्षेत्र में पानी की किल्लत शुरू हो गयी है.
बालू लदे ट्रकों का आतंक और नो-एंट्री का उल्लंघन : एक तरफ निर्माण कार्य की सुस्ती है, तो दूसरी तरफ बालू लदे भारी ट्रकों ने ब्रह्मपुर की सड़कों को असुरक्षित बना दिया है. नो-एंट्री के बावजूद इन ट्रकों का बेखौफ संचालन जारी है. बीती रात बैंक ऑफ इंडिया के पास बालू लदे एक अनियंत्रित ट्रक ने बिजली के लोहे के खंभे को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे खंभा टूट गया. गनीमत रही कि उस समय कोई वहां मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जान-माल की क्षति हो सकती थी.
श्रद्धालुओं की राह में बाधा : बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में सुबह-सुबह पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इन ट्रकों के लंबे काफिले और धूल के गुबार के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी के कारण अवैध रूप से चलने वाले ये ट्रक कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं. स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर संवेदक से पूछताछ की जाएगी और टूटी पाइपलाइन व बिजली के खंभे की मरम्मत के निर्देश दिये गये हैं. नियम और मानक (वर्क ऑर्डर)धरातल पर हकीकत
कार्यस्थल पर योजना का बोर्ड और बजट का विवरण होना अनिवार्य है.
किसी भी निर्माण स्थल पर योजना का नाम, लागत या संवेदक का विवरण नहीं है.
नाले का लेवल सही रखने के लिए प्री-लेवलिंग जरूरी है.बिना उचित ढाल और लेवलिंग के ही कंक्रीट डाला जा रहा है.
निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग और लाल रिबन लगाना अनिवार्य है.कोई बैरिकेडिंग नहीं है, जिससे राहगीरों और बाइक सवारों के गिरने का खतरा है.
जल निकासी की सुगम व्यवस्था होनी चाहिए.खुदाई का मलबा और गंदगी सड़क पर ही फैला दी गई है, जिससे जलजमाव हो रहा है.
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