Buxar News: जीविका महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से गांवों का होगा विकास

राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन जिले के 11 प्रखंडों में किया जा रहा है.

बक्सर

. राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन जिले के 11 प्रखंडों में किया जा रहा है. यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 18 अप्रैल को शुरू किया गया. महिला संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुनकर समाधान करना है. प्रथम चरण में जिलें के 8 प्रखंडों डुमरांव, इटाढ़ी, ब्रह्मपुर, राजपुर, नवानगर, सिमरी तथा चौसा में जीविका के 16 ग्राम संगठन में प्रथम पाली में 8 चल रहे महिला संवाद कार्यक्रम प्रातः काल में 9:00 से 11:00 तक सायंकाल 04:00 से 06:00 बजे तक कार्यक्रम किया जा रहा है.

दूसरा चरण में 15 मई से चौगाईं, केसठ एवं चक्की में आयोजन किया जायेगा. जागरूकता वाहन द्वारा महिला संवाद कार्यक्रम में सरकारी योजना युक्त वीडियो का प्रसारण किया जा रहा है. लीफ़्लेट्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी जा रही है तथा महिलाओं को मुख्यमंत्री जी का विशेष संदेश पत्र भी दिया जा रहा है. इस कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित दीदियों के द्वारा निम्न प्रमुख मुद्दों, आकांक्षाओ की मांग की गई. जैसे की गांव में एक पॉलिटेक्निक कॉलेज, आईटीआई कॉलेज, सार्वजनिक पुस्तकालय, हर मोड़ पर लाइट, शिक्षा, स्वास्थ्य केंद्र, घर-घर बिजली, रोजगार एवं स्वरोजगार, पानी, मजदूर कल्याण, कृषि, पशुपालन, उद्योग, खेल समावेश सेवाएं, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ग्रामीण विकास, जीविका, मनरेगा, स्वच्छता, कला एवं संस्कृति, पर्यटन, सूचना प्रोधोगिकी जैसे मुद्दों पर चर्चा किया जा रहा है. राजपुर- नागपुर पंचायत, हकारपुर ग्राम, कलावती देवी, पृथ्वी जीविका ग्राम संगठन की दीदी ने बताया कि उनके गांव में सभी ग्रामीणों का बैंक खाता स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में है पर सभी ग्रामीणों को इतनी भीषण गर्मी में दूसरे गांव में जाना पड़ता है. इसीलिए हमारी ये आकांक्षा है कि सरकार हमारे गांव में भी एक शाखा खोला जाए. हमारे गांव में स्वास्थ केंद्र की व्यवस्था नहीं है अगर किसी की देर रात तबियत ख़राब हो जाए तो उनको या तो राजपुर या बक्सर जाना पड़ता है. तब तक कई बार किसी दीदी का देहांत हो जाता है. इलाज के अभाव में आधी रात को यह एक बहुत बड़ी समस्या हमलोग के लिये है. सरकार से हमारा आग्रह है कि पंचायत या हमारे गांव में ही एक छोटा अस्पताल बनवा दें. जिससे कि प्राथमिक इलाज हो सके. हमारे गांव की बहुत सी महिलायें कुटीर उद्योग का कार्य करती हैं और अपना जीविकोपार्जन चलाती है. उन सबको अधिक से अधिक जोड़ा जाये तथा एक बड़ा समूह बनाकर सबको लाभ पहुंचाया जाये. हमारे गांव में बच्चियों के पढ़ने कि लिये उच्च विद्यालय भी खोला जाए. वर्तमान में बच्चों को आगे की पढ़ाई करने के लिए जिला बक्सर में जाना पड़ रहा है. महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम हमारी आकांक्षाओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाया जा रहा है. हमें उम्मीद है कि सरकार इस पर जरूर संज्ञान लेगी और भविष्य ये सारी समस्यायें दूर होगी.

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