Buxar News : यूरिया की किल्लत से किसान परेशान, गेहूं की फसल पर संकट

सरकार किसानों के हित में समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन सिमरी प्रखंड क्षेत्र में वास्तविक स्थिति कुछ और ही है. यहां यूरिया की किल्लत से किसान बड़े संकट में हैं.

सिमरी. सरकार किसानों के हित में समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन सिमरी प्रखंड क्षेत्र में वास्तविक स्थिति कुछ और ही है. यहां यूरिया की किल्लत से किसान बड़े संकट में हैं. किसानों का कहना है कि वे लगातार डीलरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रहा है. इससे गेहूं की फसल पर संकट मंडरा रहा है. सरकारी दर 266 रुपये प्रति बोरी की बजाय किसान यूरिया को निजी दुकानों से 400 से 450 रुपये प्रति बोरी खरीदने को मजबूर हैं. किसानों का कहना है कि खाद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है और यदि कहीं यूरिया मिल भी रहा है तो अधिक राशि वसूली जा रही है. निजी दुकानदार इस किल्लत का फायदा उठा रहे हैं. किसान रामराघव दूबे, उमेश दूबे, परमेश्वर यादव, अशोक चौधरी और सुनील दूबे ने बताया कि अच्छी पैदावार के लिए गेहूं में दो से तीन बार यूरिया का छिड़काव आवश्यक है, लेकिन समय पर छिड़काव न होने से पैदावार प्रभावित होने की संभावना है. भाजपा के जिला प्रवक्ता अनु तिवारी ने प्रशासन से मांग की है कि यूरिया की किल्लत तुरंत दूर की जाये और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए. ताकि किसानों को सहूलियत मिल सके और गेहूं की फसल समय पर छिड़काव के बाद अच्छी पैदावार दे. किसान इसके निराकरण के लिए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं.

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By SHAH ABID HUSSAIN

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