Buxar News: चोरी के गहना खरीदने वाले तीन व्यवसायी गिरफ्तार

नया भोजपुर थाना क्षेत्र के पुलिस को मिली बड़ी सफलता. गहना के अवैध कारोबार करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने डुमरांव से गिरफ्तार कर लिया है.

डुमरांव

. नया भोजपुर थाना क्षेत्र के पुलिस को मिली बड़ी सफलता. गहना के अवैध कारोबार करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने डुमरांव से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के इस कार्रवाई से गहना के अवैध कारोबार करने वाले लोगों में मचा हड़कंप पीड़ित को डेढ़ माह बाद मिला इंसाफ. पुलिस ने करवाई करते हुए करीब छह लाख रुपये के गहनों की चोरी के मामले में बड़ी कामयाबी पाई है. पुलिस केवल चोर को ही नहीं, बल्कि इस गिरोह में शामिल सभी सदस्यों को पकड़ कर इस मामले का पर्दाफाश कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने तीन व्यवसायी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. घटना ने यह साफ तौर पर साबित कर दिया है कि चोरी करने वाले ही गुनहगार नहीं, बल्कि चोरी के माल को खपाने वाले व्यवसायी का भी उतना ही दोष हैं. पुलिस ने कार्रवाई करते चोरी के सोना के साथ एक सोना गलाने की मशीन भी जब्त की है, जिससे साफ तौर पर यह मालूम पड़ता है कि यह गिरोह सक्रिय रूप से चोरी के गहनों को पिघलाकर आसानी से कारोबार का अंजाम दिया जा रहा था. इस संगीन मामले में पहले ही एक ऑटो चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.पीड़िता के सक्रियता से पुलिस की तत्परता बढ़ी इस मामले की शुरुआत चक्की प्रखंड के विशेश्वर डेरा के रहने वाले कमलेश यादव की शिकायत से हुई थी. उनके द्वारा 8 जून को नया भोजपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी थी. पीड़ित कमलेश के मुताबिक, वे लक्ष्मण डेरा से नया भोजपुर जा रहे थे. नया भोजपुर पहुंचने के बाद जब उन्होंने अपना सूटकेस खोला तो उसमें रखे उनकी गहने जिसमें मंगलसूत्र, झुमका, टॉप, चेन व अंगूठी सब गायब था. चोरी हुए गहनों की कीमत लगभग छह लाख रुपये बताया जा रहा है. कमलेश ने न केवल ऑटो चालक पर संदेह जताया था, साथ में यह भी आशंका जताई कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह का हाथ हो सकता है जो चोरी के गहनों की खरीद-बिक्री करता हो. इसी आधार पर एसडीपीओ अफाक अख्तर अंसारी के नेतृत्व और अंचल निरीक्षक श्रीनाथ कुमार के निर्देशन पर एक विशेष टीम गठित की गई.वैज्ञानिक जांच से हुआ खुलासा पुलिस टीम के द्वारा तकनीकी जांच और निगरानी के जरिए पहले तो कृष्णाब्रह्म के नोनियापुरा गांव से ऑटो चालक राकेश कुमार उर्फ केवट को गिरफ्तार किया. इस दौरान उससे पूछताछ व कॉल डिटेल्स से यह स्पष्ट हुआ कि चोरी की गई गहना को खपाने के लिए कुछ स्थानीय दुकानदारों से संपर्क किया गया था. इसके बाद पुलिस ने बक्सर और डुमरांव के कई ज्वेलरी दुकानों पर अपना जाल बिछाया. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि तीन स्वर्ण व्यावसायियों का इसमें हाथ है. इसमें बक्सर के निवासी मुरारी वर्मा और सागर वर्मा (दोनों सहोदर भाई), इसके साथ ही डुमरांव के गोविंद वर्मा उर्फ सिप्पी भी इसमें शामिल हैं. थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार सभी व्यवसायी चोरी के गहनों को खरीदकर उसे गलाने और पुनः बेचने लायक बनाते है.माल खपाने की प्रक्रिया पर गंभीर चोटव्यवसायियों के पास से एक सोना गलाने की मशीन और चार ग्राम चोरी का सोना बरामद की गई है. पुलिस जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी व्यापारी डुमरांव में सोना चांदी के दुकान चलाते हुए इस अवैध धंधे में भी संलिप्तता बताईं जा रही है. पुलिस कि इस कार्रवाई से न केवल एक चोरी का मामला सुलझा है, साथ ही एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है जो बजार में व्यवसायी की आड़ में अवैध कारोबार का अंजाम दे रहे थे. सबसे बड़ी बात यह है कि जब तक चोरी के गहनों को खरीदने वाले लोग हैं, तब तक ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाना नामुमकिन है? पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है.पुलिस कर रही हर बिंदु पर जांच नया भोजपुर पुलिस को मिली कामयाबी के बाद भी अधिकारी अभी भी मामले की बारीकी से जांच में जुटे हैं. एसडीपीओ अफाक अख्तर अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि हो सकता है कि इन गिरफ्तार व्यवसायियों के साथ और भी कई चोर होंगे. इस मामले में पुलिस अन्य संलिप्त लोगों की पहचान और तलाश में लगी है. सबसे बड़ी बात यह है कि जब तक चोरी के माल खरीदने वाले लोग रहेंगे तब तक इस पर अंकुश कैसे लगाया जा सकता है. नया भोजपुर पुलिस की इस करवाई ने यह स्पष्ट साफ कर दिया है कि अपराध को जड़ से मिटाने के लिए केवल चोरों को नहीं, बल्कि अपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क को जड़ से उखाड़ना पड़ेगा. इस कार्रवाई से आशा है कि ऐसे दुकानदारों व चोरों के भी अंदर भय पैदा होगा जो चोरी के गहनों को वास्तविक रूप देखकर बेच रहे हैंक्या कहते हैं एसडीपीओतीन स्वर्ण व्यवसायियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. लाखों रुपए मूल्य के गहनों की चोरी का मामला था. एक ऑटो चालक को पहले से ही गिरफ्तार कर लिया गया था. पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है.अफाक अख्तर अंसारी, एसडीपीओ, डुमरांव

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