आइपीपीबी के माध्यम से घर-घर बैंकिंग सुविधा पर डाक विभाग ने दिया जोर
ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में डाक विभाग द्वारा केसठ प्रखंड के मणियां डाकघर में विशेष डाक चौपाल का आयोजन किया गया.
डुमरांव. ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में डाक विभाग द्वारा केसठ प्रखंड के मणियां डाकघर में विशेष डाक चौपाल का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को आधुनिक डाक एवं बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना रहा. इस अवसर पर बक्सर डिवीजन की डाक अधीक्षक कुमारी सरिता, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के कार्यकारी सूरज कुमार तथा डाक निरीक्षक मनीष कुमार उपस्थित रहे. डिजिटल बैंकिंग की दी गयी जानकारी : कार्यक्रम के दौरान आइपीपीबी के कार्यकारी सूरज कुमार ने ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग की सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आधार कार्ड और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ग्रामीण अब घर बैठे ही धन निकासी और जमा जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं. इससे लोगों को बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सुरक्षित लेन-देन संभव होगा. बच्चों का आधार व सुकन्या समृद्धि योजना : डाक चौपाल में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी विशेष जोर दिया गया. मौके पर ही छोटे बच्चों का आधार पंजीकरण किया गया, जिससे अभिभावकों को बड़ी सुविधा मिली. साथ ही बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत कई नए खाते भी खोले गये. डाक सेवाओं के प्रति बढ़ता भरोसा : डाक अधीक्षक कुमारी सरिता ने अपने संबोधन में कहा कि आज डाकघर केवल पत्र व्यवहार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बैंकिंग, बीमा और निवेश सेवाओं का भरोसेमंद केंद्र बन चुका है. ग्रामीण डाक जीवन बीमा और अन्य बचत योजनाओं की जानकारी मिलने के बाद कई ग्रामीणों ने मौके पर ही पंजीकरण कराया. डाक विभाग ने ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए भविष्य में भी इस तरह के जन-जागरूकता अभियानों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जतायी.
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