Buxar News : पटना-बक्सर एनएच-922 पर शनिवार की दोपहर तेज रफ्तार थार की चपेट में आने से सड़क निर्माण कंपनी में कार्यरत मजदूर की मौत हो गयी. हादसा कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के कठार खुर्द गांव के समीप हुआ. मृतक की पहचान बड़का ढकाइच गांव निवासी राम प्रवेश कुशवाहा के 39 वर्षीय पुत्र दीनबंधु कुशवाहा के रूप में हुई है. दुर्घटना के बाद थार चालक वाहन लेकर फरार हो गया. घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-922 जाम कर दिया.
डिवाइडर किनारे घास साफ कर रहा था मजदूर, तभी आयी तेज रफ्तार थार
जानकारी के अनुसार, दीनबंधु कुशवाहा करीब 10 वर्षों से पीएनसी कंपनी में मजदूर के रूप में कार्यरत था. शनिवार दोपहर वह कठार खुर्द के पास एनएच-922 पर डिवाइडर के किनारे घास की सफाई कर रहा था. इसी दौरान बक्सर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही थार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दीनबंधु गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी.
हादसे के बाद 5 घंटे तक जाम रहा एनएच-922
दीनबंधु की मौत की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गये. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-922 को जाम कर दिया. देखते ही देखते हाईवे की दोनों लेन में वाहनों की लंबी कतार लग गयी. करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े रहे परिजन
मृतक के परिजनों ने पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग की. वहीं पीएनसी कंपनी की ओर से तत्काल 50 हजार रुपये नकद और डेढ़ लाख रुपये बाद में बैंक खाते में भेजने की बात कही गयी. एनएचएआई पेट्रोलिंग टीम के रवि पटेल ने बताया कि कंपनी की ओर से 50 हजार रुपये नकद दिये गये हैं, जबकि डेढ़ लाख रुपये मृतक के खाते में भेजे जाएंगे. हालांकि, परिजन पूरी मुआवजा राशि की मांग को लेकर तत्काल संतुष्ट नहीं हुए.
फरार थार चालक की तलाश में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने पर कृष्णाब्रह्म थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया. वहीं दुर्घटना के बाद फरार थार और उसके चालक की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि चालक की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजाम को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने एनएच पर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाये. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस स्थान पर दीनबंधु घास की सफाई कर रहा था, वहां पर्याप्त बैरिकेडिंग और सावधानी संकेतक नहीं लगे थे. ग्रामीणों के अनुसार, यदि कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते तो वाहन चालकों को सड़क पर काम होने की जानकारी पहले मिल सकती थी. हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और हादसे के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
दस साल से कंपनी में काम कर रहा था दीनबंधु
दीनबंधु पिछले करीब 10 वर्षों से पीएनसी कंपनी में मजदूर के रूप में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था. अचानक हादसे में उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के बाद गांव में भी मातम का माहौल है.
