Buxar News : बक्सर के रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं की मांग को लेकर रेल यात्री कल्याण परिषद ने आंदोलन का निर्णय लिया है. अखिल भारतीय रेल यात्री कल्याण परिषद की रघुनाथपुर शाखा की बैठक में रेलवे प्रशासन की कथित उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए आगामी 7 सितंबर को एक दिवसीय धरना देने का फैसला लिया गया.
वर्षों से उठ रही मांग, अब आंदोलन की तैयारी
स्थानीय कार्यालय में डॉ. चंद्रशेखर पाठक की अध्यक्षता में हुई बैठक में रघुनाथपुर स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गयी. परिषद के सदस्यों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से मांग पत्र और पत्राचार के माध्यम से रेलवे प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ.
7 सितंबर को होगा एक दिवसीय धरना
रेलवे प्रशासन की कथित उदासीनता के विरोध में परिषद ने सर्वसम्मति से 7 सितंबर को एक दिवसीय धरना आयोजित करने का निर्णय लिया है. परिषद के सदस्यों ने कहा कि धरने के माध्यम से रेलवे प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक यात्रियों की समस्याओं को मजबूती से पहुंचाया जायेगा.
मांगें नहीं मानीं तो रेल मंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति भी तय की गयी. परिषद ने निर्णय लिया कि यदि धरने के बाद भी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो सितंबर में ही एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात करेगा. इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो परिषद ने वृहद और उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
यात्रियों के हित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प
परिषद के सदस्यों ने कहा कि रघुनाथपुर स्टेशन क्षेत्र के बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है. स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव और बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध होने से आसपास के लोगों को काफी राहत मिलेगी. बैठक के अंत में यात्रियों के हित में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया.
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र मोहन सिंह, सीताराम ठाकुर, तारकेश्वर पाठक, मदन जायसवाल, मोहम्मद जावेद अख्तर, इमरान अंसारी, संजय कुमार ओझा, जलील मोहम्मद उर्फ नेताजी, राजगृह साह, सुनील प्रताप सिंह, शकील अहमद, जयकृष्ण सिंह और सुरेंद्र यादव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
