पौधा संरक्षण विभाग की पहल से किसानों को राहत, ड्रोन से किया जा रहा कीटनाशक दवा का छिड़काव
इससे किसानों को कम समय में बेहतर परिणाम मिल रहे हैं और फसलों को कीट प्रकोप से सुरक्षित रखने में मदद मिल सकें.
बक्सर. जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने की दिशा में पौधा संरक्षण विभाग द्वारा रबी फसल के अंतर्गत गेहूं की खेती करने वाले किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक दवा का छिड़काव अनुदानित दर पर कराया जा रहा है. इससे किसानों को कम समय में बेहतर परिणाम मिल रहे हैं और फसलों को कीट प्रकोप से सुरक्षित रखने में मदद मिल सकें. इसी क्रम शनिवार को जिला उद्यान पदाधिकारी किरण भारती, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण संस्कृति बी मौर्या, प्रखंड कृषि पदाधिकारी नीरज कुमार, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी हरेंद्र तिवारी के देखरेख में चक्की प्रखंड के अरक पंचायत के किसान बरमेश्वर पांडे सहित अन्य किसानों के खेतों में दवा का छिड़काव कराया गया. पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक संस्कृति बी मौर्या ने बताया कि पारंपरिक तरीके से दवा के छिड़काव में समय अधिक लगता है, साथ ही किसानों को शारीरिक नुकसान और दवा के सीधे संपर्क में आने का खतरा भी रहता है. ड्रोन तकनीक से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाती है. कम समय में बड़े क्षेत्र में समान रूप से दवा का छिड़काव संभव हो पाता है, जिससे फसल को बेहतर सुरक्षा मिलती है. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किसानों को अनुदान दिया जा रहा है ताकि वे कम लागत में आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें. ड्रोन से छिड़काव करने पर दवा की खपत भी कम होती है, जिससे आर्थिक बचत होती है और पर्यावरण पर भी कम दुष्प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा खेतों में पैर रखने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे फसल को होने वाले नुकसान से भी बचा जा सकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
