Buxar News: राजपुर सीएचसी से मायूस लौटे मरीज

प्रखंड सीएचसी परिसर में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन ओपीडी सेवा पूरी तरह से बंद रहा

राजपुर

. प्रखंड सीएचसी परिसर में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन ओपीडी सेवा पूरी तरह से बंद रहा.समय पर पहुंचे अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने विभाग को खोलकर कार्य पर लगे रहे.डॉक्टर के अनुपस्थिति से किसी भी मरीज का निबंधन नहीं किया गया. इमरजेंसी सेवा चालू रहा. इमरजेंसी सेवा से संबंधित कुछ लोग पहुंचे थे. जिन्हें जांच कर बाहर से दवा खरीदने का सलाह दिया गया. इस दौरान जैतपुरा गांव से पहुंची महिला मरीज रबिता देवी एवं इनके परिजन चंदन राजभर ने बताया कि पिछले दो दिन पूर्व डॉक्टर को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर दिखाया था. जिन्होंने दवा लिखने के बाद कुछ जांच भी लिखा था.उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आज रिपोर्ट दिखाने आए थे. डॉक्टर के नहीं होने से वापस घर लौट रहे हैं.ऐसे में जो बीमारी है उसका सही तरीके से दवा नहीं मिल पाएगा. चिकित्सा दोपहर बाद पहुंचे चिकित्सा प्रभारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि बिहार के कई जिलों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर डीएम द्वारा कई डॉक्टरों का वेतन महीनों से रोका गया है. जिसको लेकर बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ आईएमए पटना के दिशा निर्देश में जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर 27 से 29 मार्च तक चिकित्सकों द्वारा ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया गया है.

आकस्मिक सेवा यथावत जारी रखा गया है. डुमरांव संवाददाता के अनुसार, अनुमंडल अस्पताल के डॉक्टरों ने गुरुवार से यानी 27 से 29 मार्च तक तीन दिनों के हड़ताल पर चले गए हैं इसके कारण अनुमंडल अस्पताल में इलाज ओपीडी की सेवाएं ठप हो गई है. अनुमंडल अस्पताल के डीएस डॉक्टर गिरीश सिंह ने बताया कि अस्पताल के सभी डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर 3 दिन की हड़ताल पर चले गए हैं. उन लोगों की सरकार से मांग है कि उनके गृह जिला में पोस्टिंग हो बायोमेट्रिक हटाया जाए एवं पर्याप्त मानव बल व आवास जैसे मांगों को लेकर सभी चिकित्सक तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं. उन्होंने बताया कि हड़ताल केवल ओपीडी सेवाएं तक ही सीमित है और इमरजेंसी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेगी. उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा वेतन, गृह जिलों में पोस्टिंग और जरूरी सुविधाओं की कमी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सूवे की सरकार को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया. सरकार व विभाग के तरफ से किसी तरह की पहल नहीं होने से सभी चिकित्सक स्ट्राइक पर 29 मार्च तक रहेंगे.

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By Raviranjan kumar singh

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