Buxar news : सदर प्रखंड की सभी पंचायतों में रविवार को सरकार के निर्देशानुसार पंचायत विकास दिवस सह ग्राम सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना, उनकी समस्याएं सुनना और संबंधित विभागों को एक मंच पर उपलब्ध कराना था. हालांकि, उमरपुर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में कई विभागों के अधिकारी और कर्मी अनुपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे.
उमरपुर पंचायत में सीमित कर्मियों की रही मौजूदगी
प्रभात खबर की टीम जब उमरपुर पंचायत पहुंची तो वहां केवल कुछ पंचायत कर्मी ही मौजूद मिले. कार्यक्रम में सहायक कार्यपालक, पंचायत रोजगार सेवक, कृषि समन्वयक, विकास मित्र, दो-तीन आंगनबाड़ी सेविकाएं और आशा कार्यकर्ता ही उपस्थित थे. अधिकांश विभागों के अधिकारियों और कर्मियों की अनुपस्थिति स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही.
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना था कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना है. लेकिन अधिकांश विभागों के प्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने से कई लोगों को अपनी समस्याएं रखने और योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल सका.
'मन की बात' सुनाकर संपन्न किया गया कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण सुनाया गया. इसके बाद औपचारिक रूप से पंचायत विकास दिवस सह ग्राम सभा का समापन कर दिया गया.
अनुपस्थित कर्मियों से होगा जवाब-तलब
इस संबंध में पंचायत सचिव ने बताया कि जिन विभागीय कर्मियों को कार्यक्रम में उपस्थित रहना था और वे बिना सूचना के अनुपस्थित रहे हैं, उनसे जवाब-तलब किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पंचायत विकास दिवस सरकार की महत्वपूर्ण पहल है और भविष्य में सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ मिल सके.
