buxar news : खलिहान में पड़ा है धान, बेचने के लिए भटक रहे किसान

buxar news : जिले में अब तक 3,757 किसानों से 33,298.524 टन ही हुई है खरीदारीपैक्स प्रबंधन की मनमानी का खामियाजा भुगत रहे अन्नदाता

By SHAILESH KUMAR | January 6, 2026 10:47 PM

buxar news : बक्सर. बाजार में गिरे भाव के कारण धान बेचने के लिए किसान परेशान हैं. फसल की कटाई के बाद खलिहानों में धान रखकर खरीदार का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन बाजार भाव में सुस्ती के कारण नहीं मिल रहे हैं. इसका फायदा सरकारी एजेंसियां उठाते हुए किसानों से कई तरह के बेजा खर्च बताकर तोल-मोल कर प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य से चार-पांच सौ रुपये कम कीमत दे रहे हैं.

इसी का नतीजा है कि धान खरीदारी में अपेक्षित तेजी नहीं आ रही है. किसानों की माने तो पैक्स प्रबंधन द्वारा पहले तो प्रति क्विंटल पांच किलोग्राम धान अधिक लिया जा रहा है,फिर तौल खर्च, पलदारी, परिवहन खर्च एवं पदाधिकारियों के नाम पर सुविधा शुल्क वसूल के नाम पर कटौती कर उनके खाता में राशि ट्रांसफर कर रहे हैं. ऐसे में किसानों को प्रति क्विंटल तकरीबन चार-पांच रुपये का चूना लग रहा है.

लक्ष्य में कटौती बना बहाना

सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-026 के लिए धान खरीद के लक्ष्य में कटौती कर दी गयी है. यह कटौती पैक्स प्रबंधन के लिए अच्छा बहाना बन गया है और वे गत सालों की अपेक्षा कम क्रय करने का हवाला देकर किसानों पर दबाव बना रहे हैं, ताकि जल्दी में उनके शर्तों पर उन्हें धान बेच दे. जाहिर है कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-025 में बक्सर जिले के लिए धान खरीद का लक्ष्य 1 लाख 53 हजार 799 टन निर्धारित किया गया था, जिसमें कटौती कर इस वर्ष 1 लाख 28 हजार 796 टन कर दिया गया है. इस तरह लक्ष्य में 25 हजार 03 टन की कटौती की गयी है.

जिले में धान क्रय की स्थिति

विकेंद्रीकृत प्रणाली के तहत पंचायत स्तर पर पैक्सों एवं प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल के माध्यम से 15 नवंबर से धान खरीद का दावा किया जा रहा है. इस बीच अभी तक 3,757 किसानों से 33,298.524 टन धान खरीद की गई है. इसमें से 549.325 टन धान सीएमआर के लिए राइस मिल को मुहैया कराया गया है. 597 किसानों से सबसे अधिक 6,759.600 टन धान की खरीद राजपुर प्रखंड में की गयी है. जबकि इटाढ़ी प्रखंड में 763 किसानों से 5,444.698 टन तथा नावानगर में 638 किसानों से 5,324.612 टन धान क्रय किया गया है.

किसानों को चार-पांच सौ रुपये लग रहा घाटा

चालू खरीफ विपणन वर्ष के लिए सरकार द्वारा साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये एवं ग्रेड ए का एमएसपी 2,389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. जबकि बाजार मूल्य 1800 से ज्यादा नहीं मिल रहा है. इस तरह प्रति क्विंटल तकरीबन पांच सौ से अधिक का घाटा किसानों को हो रहा है. किसानों की माने तो सरकारी एजेंसियां भी दो हजार से अधिक नहीं दे रही है.

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