Buxar News: काला बिल्ला लगाकर स्वास्थ्यकर्मियों ने पेंशन योजना का जताया विरोध

अनुमंडल अस्पताल में एनएमओपीएस की बिहार इकाई द्वारा एनपीएस तथा एकीकृत पेंशन योजना का मंगलवार को विरोध जताया गया

By RAVIRANJAN KUMAR SINGH | April 1, 2025 10:14 PM

डुमरांव . अनुमंडल अस्पताल में एनएमओपीएस की बिहार इकाई द्वारा एनपीएस तथा एकीकृत पेंशन योजना का मंगलवार को विरोध जताया गया. भारत सरकार द्वारा एकीकृत पेंशन योजना लागू करने की तिथि 1 अप्रैल 2025 को तय की गई थी. ऐसे में कर्मियों ने इस दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया. इस दौरान केंद्र एवं बिहार सरकार के सभी सरकारी सेवकों द्वारा कार्य स्थल पर काला बिल्ला लगाकर अपने सरकारी कार्यों का शांतिपूर्वक निर्वहन किया. अनुमंडलीय अस्पताल के फार्मासिस्ट संतोष कुमार ने बताया कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने की मांग आज देश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक प्रमुख मुद्दा बन चुकी है. पुरानी पेंशन योजना, जो 2004 से पहले लागू थी, सरकार द्वारा कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती थी. स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा- मेहनत का हो सम्मान : मौके पर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि ओपीएस के तहत एक निश्चित राशि, जीवनभर पेंशन के रूप में मिलती थी, जिससे कर्मचारी अपनी बुढ़ापे की आर्थिक जरूरतों को पूरा करते थे. 2004 के बाद, सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) लागू की, जिसमें पेंशन की गारंटी नहीं है. एनपीएस बाजार आधारित प्रणाली है, जहां रिटर्न पूरी तरह से शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है. यह प्रणाली कर्मचारियों में असुरक्षा और वित्तीय तनाव पैदा करती है, क्योंकि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की आय अनिश्चित हो जाती है. पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह कर्मचारियों को न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उनके लंबे समय के योगदान और मेहनत का सम्मान भी करती है. इस मौके पर डॉ. सुमित सौरभ, डॉ. शिव कुमार, अजय सिंह, मृत्युंजय कुमार, संतोष कुमार, विकास कुमार, मनीष कुमार, सोनू कुमार, जमालुद्दीन अंसारी, सहित अन्य चिकित्साकर्मियों ने कहा कि एनपीएस में मिलने वाले लाभ सीमित हैं और महंगाई के बढ़ते स्तर को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त नहीं हैं. इसके विपरीत, पुरानी पेंशन योजना एक स्थिर और निश्चित आय सुनिश्चित करती है, जो एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक है. उमा कुमारी ने कहा कि सरकार से यह अपेक्षा है कि वह कर्मचारियों की इस जायज मांग को गंभीरता से ले और पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करे। यह न केवल कर्मचारियों के विश्वास को बढ़ाएगा, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा.

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