New Bridge In Bihar: बिहार के बक्सर से यूपी के बलिया के बीच सफर के दौरान सबसे बड़ी परेशानी गंगा पर बने पुलों की सीमित क्षमता की वजह से होती है. एक पुराना पुल, जो अब सिर्फ हल्की गाड़ियों के लिए उपयोगी है और दूसरा नया दो-लेन पुल, जिस पर भारी गाड़ियों का पूरा दबाव रहता है. यही वजह है कि यह रूट अक्सर जाम और धीमी रफ्तार का कारण बन जाता है. लेकिन लोगों की यह परेशानी दूर होने वाली है.
केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी
लोकसभा में मानसून सत्र के दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बक्सर से जुड़ी एक परियोजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बक्सर और उत्तर प्रदेश के बलिया को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर 3.3 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त दो-लेन पुल तेजी से बनाया जा रहा है. इस परियोजना की कुल लागत लगभग 531.6 करोड़ रुपये है.
कब शुरू हुआ था निर्माण?
सरकार के अनुसार, इस पुल का निर्माण कार्य 4 सितंबर 2025 से शुरू हुआ था. ऐसे में अब तक 47.1 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और परियोजना में 20.16 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है. लक्ष्य है कि फरवरी 2028 तक यह पुल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए.
कितनी होगी पुल की लंबाई?
इस परियोजना की खासियत इसकी लंबाई बताई जा रही है. बक्सर में मौजूद दोनों पुराने पुल लगभग 1.1 किलोमीटर लंबे हैं, जबकि नया पुल उनसे करीब तीन गुना लंबा होगा. इसके जरिए न सिर्फ गंगा पार करना आसान होगा, बल्कि पटना-बक्सर फोरलेन एनएच-922 और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के बीच सालों से बनी 'बॉटलनेक' की समस्या भी काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है.
लोकसभा में मंत्री ने यह भी बताया कि बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे से जुड़ी तैयारियां भी सरकार की प्राथमिकता में हैं. लेकिन फिलहाल सबसे तेज गति से काम गंगा नदी पर बनने वाले इस नए पुल पर चल रहा है.
निर्माण कार्य में आ सकती हैं ये चुनौतियां
निर्माण एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती गंगा का लगातार बढ़ता जलस्तर माना जा रहा है. इसी कारण कंपनी मानसून और बाढ़ के असर से पहले अधिक से अधिक निर्माण कार्य पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही है. अगर तय समय पर यह परियोजना पूरी हो जाती है, तो इससे न सिर्फ बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आवाजाही आसान होगी, बल्कि व्यापार, माल ढुलाई और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी. बक्सर के लिए यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी और विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
