राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आगामी 12 सितंबर 2026 को बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर में इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा. इसको लेकर शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार काजल झाम्ब ने रथ को रवाना किया. इस मौके पर न्यायिक पदाधिकारी और विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मी मौजूद रहे.
यह विशेष जागरूकता रथ बक्सर जिले के सभी प्रखंडों, पंचायतों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर लाउडस्पीकर और पम्फलेट के माध्यम से आम लोगों को लोक अदालत के लाभों के बारे में जागरूक करेगा.
प्राधिकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोगों को बताना है कि वे अपने लंबित मुकदमों को आपसी सुलह-समझौते से कैसे जल्दी और कम खर्च में निपटा सकते हैं, ताकि उन्हें बार-बार न्यायालय का चक्कर न लगाना पड़े. इस लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली, सिविल वाद, बिजली बिल विवाद, श्रम विवाद, मोटर दुर्घटना दावा (MACT), वैवाहिक विवाद (शमनीय प्रकृति के) और 90 दिन से अधिक पुराने ट्रैफिक ई-चालान जैसे सुलहनीय मामलों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा.
लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें किसी प्रकार की कोर्ट फीस नहीं लगती है और यदि पहले से फीस जमा है तो वह वापस कर दी जाती है. इसमें पारित आदेश को दीवानी न्यायालय की डिक्री के समान मान्यता प्राप्त होती है और इसके विरुद्ध कोई अपील नहीं होती है. जिससे विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 12 सितंबर को आयोजित लोक अदालत में शामिल होकर अपने मामलों का निपटारा कर समय और धन की बचत करें.
