नगर परिषद का प्रस्तावित सीमा विस्तार जनविरोधी, तत्काल वापस लिया जाए : सौरभ तिवारी

भाजपा नेता सौरभ तिवारी ने बक्सर नगर परिषद की प्रस्तावित विस्तारित सीमा को जनविरोधी बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।

भाजपा नेता एवं जिला बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति बक्सर के सदस्य सौरभ तिवारी ने बक्सर नगर परिषद की प्रस्तावित विस्तारित सीमा के नक्शे पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे अव्यवहारिक, जनविरोधी तथा स्थानीय परिस्थितियों की उपेक्षा पर आधारित बताया है. उन्होंने कहा कि नगर परिषद की प्रस्तावित सीमा का नक्शा सामने आने के बाद यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि इसके निर्माण में स्थानीय भूगोल, सामाजिक संरचना, प्रशासनिक सुविधा और जनभावनाओं का समुचित ध्यान नहीं रखा गया है.

नगर पर्षद क्षेत्र के लोगों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

जिस प्रकार सीमा निर्धारण किया गया है, वह न तो वैज्ञानिक दृष्टि से संतुलित दिखाई देता है और न ही जनहित के अनुरूप है. ऐसा प्रतीत होता है कि बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के निर्देशन में इस प्रकार की जनविरोधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. सौरभ तिवारी ने कहा कि नगर परिषद का विस्तार विकास के उद्देश्य से होना चाहिए, न कि केवल ग्रामीण क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल कर उन पर अतिरिक्त कर (टैक्स) का बोझ बढ़ाने के लिए. यदि किसी ग्रामीण क्षेत्र को नगर परिषद की सीमा में शामिल किया जाता है, तो वहां के नागरिकों को सबसे पहले नगर परिषद की सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए.

मानकों का नहीं रखा गया है ध्यान

उन्होंने कहा कि नगर परिषद की सीमा निर्धारित करते समय प्राकृतिक सीमाओं, मुख्य सड़कों एवं यातायात व्यवस्था, जनसंख्या घनत्व, भविष्य के शहरी विकास, प्रशासनिक सुविधा तथा स्थानीय जनता की राय जैसे महत्वपूर्ण मानकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के मन में स्वाभाविक रूप से अनेक प्रश्न हैं. क्या मूलभूत सुविधाओं को नगर परिषद पूरा करेगा. केवल सीमा विस्तार जनहित की बजाय राजस्व वृद्धि का माध्यम प्रतीत होगा. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व संबंधित पंचायतों, ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से व्यापक जनसुनवाई की गई थी. यदि जनता की राय लिए बिना यह निर्णय लिया गया है, तो यह लोकतांत्रिक भावना के भी विपरीत है.

बंद कमरे में बैठकर बनायी गयी है योजना

उन्होंने कहा कि बक्सर का विकास किसी बंद कमरे में बैठकर तैयार की गई फाइलों से नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी और वैज्ञानिक नगर नियोजन से होगा. उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगर विकास विभाग से मांग की कि प्रस्तावित विस्तारित सीमा के नक्शे को तत्काल वापस लिया जाए, भूगोल विशेषज्ञों, नगर नियोजन विशेषज्ञों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की समिति बनाकर पुनः सर्वेक्षण कराया जाए, प्रत्येक प्रभावित पंचायत में जनसुनवाई आयोजित की जाए तथा जनता की सहमति एवं वैज्ञानिक आधार पर ही नया प्रस्ताव तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि बक्सर की जनता विकास चाहती है, लेकिन ऐसा विकास नहीं जिसमें सुविधाएं शून्य हों और टैक्स कई गुना बढ़ जाए. जनता पर कर का बोझ नहीं, विकास का अधिकार होना चाहिए.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashutosh Singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >