नगर परिषद में 300 से अधिक शिकायतें पेंडिंग
कर्मचारियों की कमी का दंश झेल रहा नगर परिषद में जन शिकायतों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है.
बक्सर. कर्मचारियों की कमी का दंश झेल रहा नगर परिषद में जन शिकायतों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है. इसका नतीजा यह है कि कॉल सेंटर, जन सुनवाई से लेकर हेल्पलाइन तक शिकायतों का अंबार लग गया है. तकरीबन तीन सौ से अधिक शिकायतें पेडिंग है, जिनका निराकरण नहीं हो रहा है. शहरवासी परेशान हैं. आमजन से जुड़े, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति की पाईप, सीवरेज और अतिक्रमण जैसे मुद्दों की बात करें तो नगर परिषद में बड़े पैमाने पर शिकायतें पेंडिंग हैं. जबकि नगर परिषद की होने वाली बैठक में बार-बार शिकायतों का निराकरण करने का फैसला लिया जाता है. मगर हालात जस की तस बनीं हुई है. कई बार तो नगर परिषद के माननीय शिकायतों का निपटारा करने को लेकर बोर्ड की बैठक में हो-हंगामा भी किए. मगर नतीजा कुछ नहीं निकलता है. पूर्व वार्ड पार्षद राकेश कुमार सिंह ने एसडीओ सदर अविनाश कुमार को लिखे पत्र में जिक्र किया है कि नगर परिषद कार्यालय के पास मेन रोड पर सब्जी विक्रेताओं का अतिक्रमण है. वही नगर परिषद कार्यालय के बगल वेडिंग जोन में सफाई व लाइट की समुचित व्यवस्था नहीं है. जबकि सब्जी मंडी मेन रोड पर भी अतिक्रमण है.
इन जगहों पर शाम में नहीं जलती हैं स्ट्रीट लाइटें : शहर के गोलंबर से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय जाने वाली सड़क पर जगह-जगह लगी स्ट्रीट लाइटें खराब हो गयी हैं. वही गोलंबर से लेकर बक्सर स्टेशन तक जाने वाली सड़क पर भी स्ट्रीट लाइट कई जगहों पर नहीं जल रहे हैं. जिस कारण रात में अंधेरा छा जाता है. प्रशासनिक उदासीनता के कारण धीरे-धीरे इन सड़कों की रौनक गायब हो रही है. वार्ड नंबर 21 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मिथिलेश यादव ने कहा कि खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने को लेकर नप के इओ को पत्र लिखा गया है. वहीं शहर के पुस्तकालय रोड में करीब 25 स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब हैं. जबकि यह शहर का मुख्य व्यवसायिक जगह है. वही नगर थाना से लेकर ज्योति चौक तक भी तमाम स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है.
अतिक्रमण के चपेट में है शहर की कई सड़कें : शहर में सोन नहर की 36000 वर्गफीट जमीन पर अवैध कब्जा है़ जिसे हटाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार प्रयास किया मगर अवैध कब्जा जस का तस है़ कुल 243 जगहों पर बलपूवर्क कब्जा किये लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों ने हटाने के लिए नोटिस भी दिया. मगर नए साल में उन सभी जगहों पर फिर दोबारा अवैध कब्जा कर दुकानें लगायी जा रही है. जिस कारण हर माह लाखों रुपये की राजस्व की क्षति सरकार को पहुंच रहा है. गौरतलब है कि सोन नहर की कुल 243 जगहों पर जमीन पर चिह्नित किया गया था, जहां लोगों ने अवैध तरीके से उसे अपने कब्जे में कर रखा है. शहर के ज्योति चौक से लेकर सिंडिकेट तक सड़क किनारे लोगों ने अवैध कब्जा कर बालू, गिट्टी, छड, सरिया, होटल, से लेकर अन्य व्यवसायिक दुकानें खोल रखा है.क्या कहते हैं अधिकारी
अगर अतिक्रमण हटाने के बाद कोई भूमि पर अतिक्रमण करता है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा. अविनाश कुमार, सदर एसडीओ, बक्सरडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
