डुमरांव को मिलेगा 500 बेड का अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज, निर्माण 75 प्रतिशत पूरा

नए साल की शुरुआत डुमरांव सहित पूरे शाहाबाद क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक खुशखबरी लेकर आयी है.

By AMLESH PRASAD | December 31, 2025 10:15 PM

डुमरांव. नए साल की शुरुआत डुमरांव सहित पूरे शाहाबाद क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक खुशखबरी लेकर आयी है. हरियाणा फार्म, डुमरांव में 515 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 बेड वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. यह बहुप्रतीक्षित परियोजना क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ गंभीर रोगियों के लिए वरदान साबित होगी. निर्माण एजेंसी का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक हर हाल में अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह तैयार कर संचालन शुरू कर दिया जाए. यह महत्वाकांक्षी परियोजना बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से संचालित की जा रही है. 25.38 एकड़ में फैला यह संस्थान तैयार होने के बाद शाहाबाद प्रमंडल का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र होगा. इसके शुरू होने से मरीजों को इलाज के लिए पटना, वाराणसी या अन्य महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा. भूकंपरोधी तकनीक से बन रहा अत्याधुनिक भवन : मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भवन को अत्याधुनिक भूकंपरोधी तकनीक से तैयार किया जा रहा है. बेस आइसोलेशन तकनीक के तहत लीड रबर बियरिंग प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है, जो बिहार के सरकारी अस्पतालों में पहली बार अपनाई जा रही तकनीक मानी जा रही है. इससे भूकंप जैसी आपदाओं की स्थिति में भवन, मरीज और चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी. 11 मॉड्यूलर ओटी और परिजनों के लिए धर्मशाला : अस्पताल में 11 आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे जटिल और गंभीर सर्जरी की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी. इसके अलावा अस्पताल परिसर में 60 बेड वाला धर्मशाला भवन भी बनाया जा रहा है, जहां दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों को रात्रि विश्राम सहित आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी. राज्य सरकार की ओर से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (अब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) को प्रतिवर्ष 100 छात्र-छात्राओं के नामांकन का प्रस्ताव भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही डुमरांव मेडिकल शिक्षा के नक्शे पर भी एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा. इससे स्थानीय युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा और क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी भी दूर होगी. बेहतर कनेक्टिविटी, आसान पहुंच : मेडिकल कॉलेज की भौगोलिक स्थिति भी अत्यंत उपयुक्त है. यह डुमरांव रेलवे स्टेशन से लगभग 9.8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. शहर से बाहर होने के कारण एंबुलेंस और मरीजों को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी. एनएच-922, अकालुपुर पुलिया, बीएमपी कैंप और कोरानसराय मार्ग के जरिए यह आरा-बक्सर फोरलेन से सीधे जुड़ा हुआ है. अस्पताल तक पहुंचने वाली जर्जर सड़कों के निर्माण को भी मंजूरी मिल चुकी है. एनएच-922 पर ढकाईच से अनुमंडल अस्पताल होते हुए कोरानसराय पुल तक लगभग 13.50 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं, जिसकी प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी गयी है. शाहाबाद क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि : मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सामान्य ओपीडी के साथ-साथ अत्याधुनिक आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होंगी. इसके शुरू होने से बक्सर, आरा, रोहतास सहित आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा. डुमरांव में बन रहा यह मेडिकल कॉलेज न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लायेगा, बल्कि रोजगार, शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा. आने वाले वर्षों में यह संस्थान हजारों लोगों के लिए आशा, भरोसे और बेहतर जीवन का प्रतीक बनकर पूरे शाहाबाद क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा.

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