Buxuar News : बक्सर जिले में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शहर के नई बाजार स्थित श्री सीताराम विवाह महोत्सव आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन गुरुवार को भक्त ध्रुव के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया. कथा व्यास श्री श्याम चरण दास जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के द्वितीय स्कंध की कथा सुनाई. कार्यक्रम का शुभारंभ व्यास पीठ के पूजन के साथ हुआ और पूरा परिसर हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय बना रहा. गुरु पूर्णिमा महोत्सव 29 जुलाई तक चलेगा.
ध्रुव चरित्र से मिली अटूट भक्ति की प्रेरणा
कथा के दौरान श्याम चरण दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को ईश्वर की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है. उन्होंने भक्त ध्रुव के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, अटूट श्रद्धा और गुरु के मार्गदर्शन से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं. भगवान अपने सच्चे भक्त की पुकार अवश्य सुनते हैं और उचित समय पर उन्हें अपनी कृपा एवं दर्शन प्रदान करते हैं.
सत्संग, नाम-स्मरण और सदाचार का महत्व बताया
कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को सत्संग, नाम-स्मरण, सेवा और सदाचार का महत्व बताते हुए कहा कि कलियुग में भगवान की भक्ति ही जीवन का सबसे बड़ा आधार है. बिना भक्ति के मानव जीवन अधूरा है. कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति-रस का आनंद लिया और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
कथा के समापन पर आरती की गई तथा सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथामृत का श्रवण किया और गुरु पूर्णिमा महोत्सव में भाग लिया.
