Buxar News : पिछले कई दिनों से आंशिक गिरावट के साथ स्थिर रही गंगा अब तेजी से घटने लगी है. इससे तटीय और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद जगी है. गंगा का जलस्तर फिलहाल लगातार 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है और खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गया है.
दो दिनों में 21 सेंटीमीटर की गिरावट
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 59.62 मीटर दर्ज किया गया. इसके बाद नदी लगातार 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटती रही. इससे पहले 11 सितंबर को गंगा का जलस्तर करीब 20 घंटे तक 59.83 मीटर पर स्थिर रहा था. इस तरह दो दिनों में नदी के जलस्तर में करीब 21 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है.
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चार घंटे में 4 सेंटीमीटर नीचे आया पानी
केंद्रीय जल आयोग के दोपहर 2 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, गंगा का जलस्तर घटकर 59.58 मीटर पर पहुंच गया. सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चार घंटे में नदी का जलस्तर 4 सेंटीमीटर नीचे आया. घटाव का सिलसिला शाम तक जारी रहा और शाम 6 बजे जलस्तर 59.54 मीटर दर्ज किया गया. यानी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक आठ घंटे में गंगा के जलस्तर में कुल 8 सेंटीमीटर की गिरावट हुई.
खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर नीचे बह रही गंगा
बक्सर में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है. मौजूदा 59.54 मीटर जलस्तर के अनुसार गंगा खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर नीचे बह रही है, जबकि चेतावनी स्तर से अभी 22 सेंटीमीटर ऊपर है.
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मैदानी इलाकों से तेजी से निकल रहा बाढ़ का पानी
गंगा के लगातार घटते जलस्तर के कारण बाढ़ प्रभावित चौसा, बक्सर, सिमरी, चक्की और ब्रह्मपुर के निचले इलाकों में खेतों से बाढ़ का पानी तेजी से निकलने लगा है. इससे ग्रामीणों को राहत मिल रही है. हालांकि, कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण फसलें बर्बाद हो गई हैं. प्रशासन की ओर से बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है.
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