Buxar News: युद्ध में कर्ण ने निभाया धर्म और कर्तव्य : दीदी राधा
प्रखंड के केसठ गांव स्थित मां काली के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर ग्यारह दिवसीय शतचंडी महायज्ञ चल रहा है.
केसठ
. प्रखंड के केसठ गांव स्थित मां काली के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर ग्यारह दिवसीय शतचंडी महायज्ञ चल रहा है. इस दौरान यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ अहले सुबह से ही जूट रही है. श्रीमद्भागवत कथा के दौरान वृंदावन की कथावाचिका दीदी राधिका ने पांडव और कर्ण कथा विस्तार से कही. उन्होंने कहा कि महाभारत के युद्ध से ठीक पहले एक सनसनीखेज रहस्य सामने आया. जिसने इतिहास की दिशा ही बदल दी. कर्ण, जिसे अब तक सूर्यपुत्र के नाम से जाना जाता था. दरअसल पांडवों का बड़ा भाई निकला.यह रहस्य स्वयं श्रीकृष्ण ने युद्धभूमि के पहले कर्ण को बताया.यह खुलासा युद्ध के पहले दिन हुआ. जब श्रीकृष्ण ने कर्ण से अनुरोध किया कि वह युद्ध छोड़ दें और पांडवों के साथ जाएं.कर्ण ने धर्म और कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए कौरवों के प्रति अपनी निष्ठा निभाने का निर्णय लिया. श्रीमदभागवत कथा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है.वही वृंदावन की रासलीला मंडली भगवान कृष्ण के बचपन के लीलाओं की झाकियां प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया. यज्ञ समिति के अध्यक्ष रवि सिंह ने बताया कि नौ मई को भंडारे के साथ यज्ञ का समापन होगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
