साइबर फ्रॉड मामले में 21 दिनों बाद भी पुलिस के हाथ खाली

शहर के पीपी रोड स्थित किराए के मकान में चल रहे साइबर फ्रॉड के भंडाफोड़ के एक पखवाड़ा बाद भी पुलिस इसके नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं कर सकी है.

By AMLESH PRASAD | December 20, 2025 10:20 PM

बक्सर. शहर के पीपी रोड स्थित किराए के मकान में चल रहे साइबर फ्रॉड के भंडाफोड़ के एक पखवाड़ा बाद भी पुलिस इसके नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं कर सकी है. नतीजा यह है कि इस मामले में पुलिस अभी तक खाली हाथ है. जबकि इस मामले में गिरफ्तार हुए जालसाजों का नेटवर्क बिहार के अलावा अन्य कई राज्यों से जुड़ा है. नगर थाना की पुलिए द्वारा 29 नवंबर को नगर के पीपी रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पीछे एक मकान में छापेमारी कर 18 शातिरों को गिरफ्तार किया गया था. उनके पास से साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी में उपयोग किए जाने वाले 64 मोबाइल फोन और 5 लैपटॉप बरामद किए गए थे. गिरफ्तार युवक छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के रहने वाले थे. जो पिछले कई महीनों से यहां किराए के मकान में रहकर साइबर फ्रॉड और सट्टे के अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे. मकान मालिक रहता है बाहर : जिस मकान से साइबर ठगों की गिरफ्तारी हुई थी वह राजू गुप्ता नाम के व्यक्ति का है. जो नौकरी पेशा के कारण बाहर रहता है. पुलिस के मुताबिक पूछताछ के लिए उसे बुलाया गया है, लेकिन अभी तक उसके नहीं आने के कारण संपर्क नहीं हुआ है. वही मौके से बरामद दर्जनों एटीएम व पासबुक को लेकर उनके धारकों के यहां पत्राचार किया गया है, परंतु उनका जवाब भी नहीं मिला है. जिससे आगे के अनुसंधान में कोई विशेष सफलता नहीं मिल रही है. इस संबंध में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय ने कहा कि विशेष जांच की जिम्मेवारी साइबर थाना को सौंपी गई है. उन्होंने बताया कि नया भोजपुर के युवक किराए पर मकान लेकर उसमें रहता था. उसी के द्वारा अन्य सहयोगियों को बुलाकर धंधा का संचालन किया जाता था. जिसकी गिरफ्तारी उसी दिन मौके से हुई थी. साइबर डीएसपी अविनाश कश्यप ने कहा कि जांच की प्रक्रिया चल रही है. अभी तक के अनुसंधान में कुछ विशेष हाथ नहीं लगा है.

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