Buxar News : सोमवार को भारत के महान अभियंता एवं भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर अभियंता दिवस समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन विद्युत अधीक्षण अभियंता, आरा सुशील कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश सिंह, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार तथा ग्रामीण कार्य विभाग एवं बाढ़ विभाग के कार्यपालक अभियंताओं ने संयुक्त रूप से किया.
सीमित संसाधनों में बेहतर कार्य करना अभियंताओं की जिम्मेदारी
समारोह को संबोधित करते हुए अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार ने कहा कि इंजीनियर केवल तकनीकी विशेषज्ञ नहीं होते, बल्कि उनमें बेहतर प्रबंधन की क्षमता भी होनी चाहिए. सीमित संसाधनों में भी कार्य को सुचारु रूप से पूरा करना अभियंताओं की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि अभियंताओं को अपने अनुभव और अर्जित तकनीकी ज्ञान को कनिष्ठ एवं वरीय सहयोगियों के साथ साझा करना चाहिए.
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विश्वेश्वरैया के योगदान को किया गया याद
इस दौरान सर एम. विश्वेश्वरैया के सिविल इंजीनियरिंग, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और बुनियादी ढांचे के विकास में दिये गये अमूल्य योगदान को याद किया गया. कृष्णराज सागर बांध, ऑटोमैटिक स्लूइस गेट्स और हैदराबाद की बाढ़ सुरक्षा प्रणाली में उनके योगदान की भी चर्चा की गयी.
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राष्ट्र निर्माण में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र निर्माण, तकनीकी प्रगति, आधारभूत संरचना और आर्थिक विकास में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका है. सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर एवं सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अभियंताओं के योगदान से समाज के जीवन स्तर में लगातार सुधार हो रहा है.
समारोह में अधिकारी और अभियंता रहे मौजूद
कार्यक्रम का मंच संचालन सुमन मनोज चतुर्वेदी ने किया. इस अवसर पर एसडीओ मोजहिदुल इस्लाम, रविराज, जेई हिमांशु, अजीत कुमार, भीम कुमार एवं रौशन कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे.
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