बक्सर. बिहार सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर तैयार किए गए 250 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर राज्य के सभी जिलों के लिए रवाना किया. योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करना है. इसके तहत हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद के अनुसार रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी. योजना की पहली किस्त के रूप में महिलाओं को 10 हजार रुपये सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित किये जायेंगे. छह महीने के बाद योजना की समीक्षा की जायेगी और जो महिलाएं सक्रिय रूप से रोजगार चला रही होंगी, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जायेगी. बक्सर जिले में इस ऐतिहासिक अवसर का लाइव प्रसारण देखने के लिए जिला समाहरणालय सभागार कक्ष में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में लगभग डेढ़ सौ से अधिक जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया. इस अवसर पर जिला पदाधिकारी डॉ विद्यानंद सिंह, उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी, राज्य परियोजना प्रबंधक (एसपीएम-आइएबी), रुचि कुमारी, जिला परियोजना प्रबंधक दयानिधि चौबे समेत 200 से अधिक जीविका दीदियां एवं जीविका कर्मी उपस्थित रहे. वहीं जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लायेगी. उन्होंने लाभार्थियों को राशि के सही उपयोग का निर्देश देते हुए कहा कि यह योजना पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित होगी और सीधे लाभार्थियों के खाते में राशि भेजी जायेगी. साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में प्रेरणादायी उदाहरण स्थापित करेंगी. योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य कार्यालय द्वारा बक्सर जिले को चार महिला संवाद जागरूकता रथ उपलब्ध कराये गये हैं. जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका ने जानकारी दी कि महिला संवाद कार्यक्रम दो पालियों में आयोजित होगा. इसके तहत सात सितंबर से ब्रह्मपुर, डुमरांव, सदर एवं राजपुर प्रखंड के आठ ग्राम संगठनों में प्रतिदिन कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. बक्सर जिले के सभी 11 प्रखंडों में यह जागरूकता कार्यक्रम क्रमशः सात सितंबर से 26 सितंबर तक चलाया जायेगा. कुल 20 दिनों तक 160 स्थानों पर आयोजित इस अभियान के माध्यम से जीविका दीदियों और ग्रामीणों को महिला रोजगार योजना की जानकारी दी जायेगी तथा उन्हें इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जायेगा. ज़िले के सभी प्रखंडों में दीदियों को जागरूक करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें 3000 से अधिक महिलाएं शामिल हुई. महिला रोजगार योजना से महिलाओं में आत्मनिर्भरता, उद्यमिता की भावना और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे. यह योजना न केवल महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार करेगी, बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनायेगी.
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