Buxar News: बीमार स्वास्थ्य सेवाओं के विरोध में विधायक, सांसद व सीएम का पुतला दहन

शवयात्रा निकालकर नया थाने के पास दाह संस्कार किया गया

डुमरांव. जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की लचर दुर्दशा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा सोमवार को स्थानीय विधायक, सांसद व मुख्यमंत्री की अनुमंडलीय अस्पताल के पास से शहर के बीचो-बीच होते हुए शव यात्रा निकालकर नया थाने के पास दाह संस्कार किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी हरेकृष्णा सिंह यादव ने की. उन्होंने बताया कि डुमरांव के साथ बक्सर जिलावासियों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रहीं हैं और उनके जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है. बक्सर सदर अस्पताल में 10 बेड का आईसीयू केवल कागज पर ही चालू किया गया है. धरातल पर आईसीयू का पता ही नहीं है. इससे बड़ा फर्जीवाड़ा क्या हो सकता है? अनुमंडलीय अस्पताल में स्टाफ की कमी से मशीनें बंद : डुमराँव अनुमंडलीय अस्पताल में “मदर न्यू बॉर्न केयर यूनिट ” को भी कुछ दिनों पहले कागज में चालू कर दिया गया जिस दिन न्यूबॉर्न केयर यूनिट का उद्घाटन हुआ उसी दिन उसमें ताला लटक गया और आज तक उसमें ताला ही लटका है. उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है. वहीं चिकित्सकों द्वारा अस्पताल में सप्ताह में एक दिन आकर पूरे सप्ताह का हाजिरी बनाया जाती है. अस्पताल प्रशासन द्वारा वेतन के नाम पर कर्मियों से नगदी उगाही भी की जाती है. मतदाता सूची और जर्जर सड़क का भी विरोध : वोटर सूची की ड्राफ्ट रोल से वैध नाम को भी हटाया जा रहा है. एनएच 120 (मां डुम्रेजानी के पश्चिमी गेट डुमरांव से स्टेशन तक) एवं कृष्णाब्रह्म से लेकर कोरान सराय तक रोड जर्जर हो गया है. इन सभी मुद्दों को लेकर शव यात्रा निकली गयी. शव यात्रा अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव से छटिया पोखरा, राजगढ़ चौक, गोला रोड, जवाहीर मंदिर रोड, गोला सहीद पार्क होते हुए नए थाने के पास पहुंचकर स्थानीय विधायक अजीत सिंह कुशवाहा, बक्सर सांसद सुधाकर सिंह तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शव यात्रा के साथ दाह संस्कार किया गया. शव यात्रा देख लोग हुए हैरान : सड़क पर निकाली इस अजीबोगरीब शव यात्रा को देखने वाले लोग हैरान रह गए. कोई देखकर कह रहा था कि कैसा अंतिम संस्कार है? तो कोई कह रहा था कि यह नेताओं का नहीं स्वास्थ्य व्यवस्था का दाह संस्कार हो रहा है. समाज सेवायों ने बताया कि स्थानीय सांसद व विधायक ने सरकार की लचर व्यवस्था का कभी विरोध नहीं किया, और न ही ऐसी फर्जी उद्घाटन पर कोई अपनी प्रतिक्रिया दी. ऐसी फर्जी उद्घाटन व कुव्यवस्था को लेकर ये जंग जारी रहेगी. आंदोलन जारी रहेगा : उन लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सिस्टम में सुधार नहीं होता है तो यह आंदोलन जारी रहेगी. इस दौरान दाह संस्कार में रंग लाल यादव, हवलदार यादव, संजय कुमार यादव, धर्मेंद्र यादव, रमेश रंजन यादव, विकास यादव, अमित शर्मा, बलवंत यादव, धर्मेंद्र कुमार आदि लोग शामिल थे. उन्होंने बताया कि इन मुद्दों को लेकर सूचना के अधिकार से भी मांग की गई है लेकिन अभी तक मिला नहीं है. पांच अगस्त को हुआ था उद्घाटन: मालूम हो कि इसी महीने में 5 तारीख को एमएनसीयू का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के द्वारा किया गया था. अधूरे कार्य के बावजूद उद्घाटन का विरोध भी लोगों ने किया था. इस खबर को प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था. बताते चलें कि मातृ एवं नवजात शिशु देखभाल इकाई (एमएनसीयू) का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया था. अस्पताल में 20 बेड व अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई है. लेकिन डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण यूनिट में उद्घाटन होते ही ताला झूल गया. हालांकि इस संबंध में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर गिरीश कुमार सिंह ने प्रभात खबर से खास बातचीत में बताया था कि डेढ़ साल पहले चार डॉक्टर तथा नियम व 6 वार्ड बाय की आवश्यकता के बारे में विभाग को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था. लेकिन अभी तक स्वास्थ्य कर्मी व संसाधन की नियुक्ति नहीं हो सकी है. इसका नतीजा यह है की मशीन तो अस्पताल में इंस्टॉल कर दी गई है, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए कोई स्टाफ नहीं है. हर दिन 20 से अधिक प्रसव: मालूम हो कि अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 20 की संख्या में प्रसव होते हैं, जिसमें कई बार देखने को मिलता है कि जच्चा-बच्चा की हालात अति गंभीर हो जाती है. ऐसे में यह यूनिट जीवन दाहिनी साबित हो सकती थी यदि इसको वास्तव में सही रूप से संचालित किया जाता तभी लोगों को लाभ मिलता.

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Published by: Raviranjan kumar singh

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