Buxar News: क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पटना प्रमंडल ने बक्सर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के प्रधान लिपिक अनिल कुमार राय को पक्ष प्रतिवेदन देने के लिए पत्र जारी किया है. पत्र के माध्यम से वर्ष 1991 से अब तक लिए गए वेतन, एमएसीपी और उच्चतर पद के प्रभार से जुड़े लाभों के संबंध में एक पखवाड़े के अंदर साक्ष्य सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है.
नोटिस जारी होने के बाद बक्सर शिक्षा विभाग में सेवा नियमों की व्याख्या और पुराने अभिलेखों के संधारण को लेकर चर्चा तेज हो गयी है. विभाग की ओर से आरोप लगाया गया है कि सेवा पुस्तिका में नियुक्ति-योगदान की तिथि गलत तरीके से दर्ज कर अनियमित लाभ लिये गये हैं.
15 दिनों में पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश
पटना प्रमंडल के उप निदेशक अमित कुमार ने 31 जुलाई को जारी पत्र में कहा है कि डीईओ बक्सर के पत्रांक 601, दिनांक 20.07.2026 के आलोक में बकाया वेतन, एमएसीपी भुगतान और प्रोन्नति को लेकर दिशा-निर्देश मांगा गया था. इसके बाद कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों और अनिल कुमार राय की सेवा पुस्तिका की छायाप्रति की जांच की गयी.
जांच में सामने आया कि मानव संसाधन विकास विभाग, बिहार के उप सचिव के ज्ञापांक 771, दिनांक 17.03.2010 के अनुसार अनिल कुमार राय द्वारा 15.06.2004 को समर्पित योगदान को ही मान्य किया गया था. इसी आधार पर प्रमंडल कार्यालय ने ज्ञापांक 172, दिनांक 13.07.2010 के माध्यम से 15.06.2004 से वेतन भुगतान का आदेश जारी किया था.
सेवा पुस्तिका में 30 मई 1991 से सेवा शुरू होने का उल्लेख
विभागीय जांच के अनुसार, सेवा पुस्तिका में 30.05.1991 को क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, मोहनिया में प्रतिनियुक्ति के आधार पर योगदान दिखाकर सेवा शुरू मानी गयी है. प्रमंडल कार्यालय के ज्ञापांक 599, दिनांक 24.04.1991 के हवाले से उसी तिथि से सेवा पुस्तिका संधारित कर प्रथम और द्वितीय एमएसीपी के साथ प्रधान लिपिक के उच्चतर पद का प्रभार लाभ भी दिया गया. विभाग का कहना है कि जब सेवा 15.06.2004 से ही मान्य है, तो 30.05.1991 की तिथि के आधार पर दिया गया लाभ अनियमित है.
MACP और उच्चतर पद के लाभ को संशोधित करने की बात
विभाग की ओर से ज्ञापांक 336 और 339, दिनांक 21.04.2016 के माध्यम से दिए गये प्रथम और द्वितीय एमएसीपी के ग्रेड पे 2800 रुपये एवं 4200 रुपये को वित्त विभाग के पत्रांक 8825, दिनांक 20.12.2000 के आलोक में संशोधित करने की बात कही गयी है. इसके अलावा ज्ञापांक 114, दिनांक 06.03.2024 से प्रधान लिपिक के उच्चतर पद पर दिये गये प्रभार को रद्द करने की बात भी कही गयी है. विभाग ने अनियमित रूप से प्राप्त वेतन और बकाया के रूप में ली गयी राशि की वसूली की कार्रवाई का भी उल्लेख किया है.
जवाब मिलने के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक अमित कुमार ने अनिल कुमार राय को निर्देश दिया है कि वह साक्ष्य सहित अपना पक्ष एक पखवाड़े के अंदर उनके कार्यालय में प्रस्तुत करें. विभाग के अनुसार, पक्ष प्राप्त होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
