Buxar News : वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव में सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं किसानों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था. इसमें करीब 250 विद्यार्थियों और किसानों ने भाग लिया.
हैकिंग और फिशिंग समेत साइबर खतरों से किया सावधान
कार्यक्रम में बताया गया कि डिजिटल युग में व्यक्तिगत, वित्तीय, शैक्षणिक और संस्थागत सूचनाओं की सुरक्षा बेहद जरूरी है. प्रतिभागियों को हैकिंग, फिशिंग, पहचान की चोरी और हानिकारक सॉफ्टवेयर जैसे साइबर खतरों की जानकारी दी गयी. वक्ताओं ने मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड रखने तथा ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी.
संदिग्ध लिंक और मैसेज पर क्लिक करने से पहले करें जांच
प्रतिभागियों से संदिग्ध ईमेल, लिंक और संदेशों पर क्लिक करने से पहले उनकी सत्यता जांचने की अपील की गयी. मोबाइल और कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट रखने तथा सुरक्षित वाई-फाई का उपयोग करने की सलाह दी गयी. साझा उपकरणों का इस्तेमाल करने के बाद सुरक्षित तरीके से लॉगआउट करने की जानकारी भी दी गयी.
‘क्लिक करने से पहले सोचें’ का दिया संदेश
कार्यक्रम में ‘क्लिक करने से पहले सोचें’ का संदेश दिया गया. वक्ताओं ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विशेषज्ञों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक डिजिटल उपयोगकर्ता की सामूहिक जिम्मेदारी है. सोशल मीडिया पर संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करने और ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में चुप नहीं रहने की अपील की गयी.
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गयी. प्रतिभागियों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी गयी. बताया गया कि समय पर शिकायत करने से कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है. राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभायी. कार्यक्रम का समापन सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और परिवार व समाज को भी जागरूक करने के संकल्प के साथ हुआ.
