Buxar News: जिले के मध्यान भोजन रसोइया शुरू करेंगी अनिश्चितकालीन हड़ताल

जिले के मध्यान भोजन योजना के अंतर्गत कार्यरत कर्मी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे.

बक्सर

. जिले के मध्यान भोजन योजना के अंतर्गत कार्यरत कर्मी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे. यह फैसला बिहार राज्य मध्यान भोजन योजना कर्मचारी संघ के निर्णय के आलोक में लिया गया है. संघ द्धारा इसकी जानकारी बिहार राज्य मध्यान भोजन योजना के निदेशक को दी गई है. इसके साथ ही कहा कि अनिश्चितकालीन हड़ताल की संपूर्ण जवाबदेही निदेशालय की होगी. इसकी जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए संघ के प्रदेश महासचिव वचनदेव कुमार ने दी. पत्र के माध्यम से कहा गया है कि 21 अगस्त से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय संघ के सदस्य व पदाधिकारियों द्वारा सामुहिक रूप से लिया गया था. वहीं बताया गया था कि अपने कर्मियों के हितों की रक्षा करना संघ का संवैधानिक दायित्व है. संघ द्वारा अपने कर्मियों के हित में निदेशक से योजनांतर्गत कार्यरत कर्मियों के वेतन का पुनरीक्षण बिहार शिक्षा परियोजना के तर्ज पर किये जाने का सादर अनुरोध किया गया है. दिनत वर्षों के कटु अनुभव को देखते हुए प्रासंगिक पत्र पर सहज विश्वास करना कठिन है. पूर्व में इस विषय पर कई चरणों में वार्ता, बिहार शिक्षा परियोजना की तर्ज पर वेतन संरचना तैयार करने आदि की कवायद की जा चुकी है. जिसका कोई ठोस फला-फल अबतक ज्ञात नहीं है. निदेशालय द्वारा इस तरह का आश्वासन पहले भी कई बार दिया जा चुका है. जिससे योजनांतर्गत कर्मियों को अबतक कोई लाभ प्राप्त नहीं हुआ है.

बहुत ही खेद के साथ अनुरोध करना पड़ रहा है कि संघ अपने सदस्यों के द्वारा लिए गये निर्णय पर अडिग है. अपनी मांगों से इतर किसी भी बात पर समझौता करने हेतु तैयार नहीं है. हालांकि यह काफी दुखद है कि बच्चों के लिए संचालित इस योजना पर हडताल के कारण प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है. कम वेतन के कारण हमारा भी आर्थिक शोषण हो रहा है. हमारे भी परिवार, बच्चों के भरण-पोषण, चिकित्सा एवं शिक्षा में काफी कठिनाई हो रही है. जिसका निदान इस हड़ताल के बिना संभव प्रतीत नहीं होता है. इसको देखते हुए उनकी मुख्य मांगों में वेतन वृद्धि के लिए एक न्यूनतम समय सीमा के अंतर्गत तिथि निर्धारित कराने, वेतन वृद्धि का रूप रेखा व आधार (वित्तीय वर्ष 2012-13 के प्रखंड स्तर से राज्य सार के कर्मी के पदसोपान के अनुसार वेतन के अंतर के आधार पर या बिहार शिक्षा परियोजना के तर्ज पर) निदेशालय द्वारा क्या तय किया जा रहा है? इसको लेकर संघ को सूचित कराने की मांग शामिल है.

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